पतरातू. हेसला पंचायत इन दिनों बड़े संकट से गुजर रही है. लगभग आठ हजार की आबादी वाली इस पंचायत का अस्तित्व ही अब खतरे में पड़ता दिखने लगा है. पंचायत क्षेत्र में स्थित पीटीपीएस के करीब 1200 आवासों को खाली कराया जा रहा है. इससे हजारों लोगों के सामने रहने व रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. जानकारी के अनुसार, ये सभी आवास करीब 223 एकड़ जमीन पर बने थे. पीटीपीएस प्लांट बंद होने के बाद इस जमीन व आवासों को झारखंड सरकार द्वारा जियाडा को हस्तांतरित कर दिया गया था. अब जियाडा द्वारा इस क्षेत्र को खाली कराया जा रहा है. इसके तहत लगातार कार्रवाई जारी है. बीते दिन हुई कार्रवाई के बाद शनिवार को बड़ी संख्या में लोग अपने-अपने आवासों को स्वयं खाली करते नजर आये. कई परिवार वर्षों से इन क्वार्टरों में रह रहा था. अब अचानक इस तरह घर छोड़ने की नौबत आने से वे मानसिक रूप से भी परेशान हैं. लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह आवास खाली होते रहे, तो आने वाले दिनों में हेसला पंचायत पूरी तरह उजड़ सकती है. पंचायत की पहचान और सामाजिक संरचना दोनों पर इसका गहरा असर पड़ेगा. लोगों ने सरकार से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की ठोस व्यवस्था करने की मांग की है.
हेसला पंचायत : अपने आवासों को खाली कर रहे गामीण
हेसला पंचायत : अपने आवासों को खाली कर रहे गामीण
