पटाखों को नष्ट करने पर कोर्ट की रोक

रामगढ़ : रामगढ़ के चर्चित पटाखा कांड में शनिवार को रामगढ़ के प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया. प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश ने रामगढ़ में जब्त पटाखों के मामले में रामगढ़ के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के आदेश पर रोक लगा दी. इस मामले में पटाखा विक्रेताओं के पक्ष में सीबीआइ […]

रामगढ़ : रामगढ़ के चर्चित पटाखा कांड में शनिवार को रामगढ़ के प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया. प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश ने रामगढ़ में जब्त पटाखों के मामले में रामगढ़ के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के आदेश पर रोक लगा दी. इस मामले में पटाखा विक्रेताओं के पक्ष में सीबीआइ रांची के अधिवक्ता राजेश कुमार व रामगढ़ के वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद अग्रवाल ने बहस की. वहीं लोक अभियोजक ने प्रशासन का पक्ष रखा.
रामगढ़ थाना के एएसआइ विनय कुमार ठाकुर ने रामगढ़ में जब्त किये गये पटाखों को नष्ट करने की अनुमति देने की मांग करते हुए रामगढ़ के सीजेएम की अदालत में छह अप्रैल को आवेदन दिया था. इस पर सुनवायी करते हुए सीजेएम ने पुलिस को जब्त पटाखों को नष्ट करने की अनुमति दे दी. इस आदेश के खिलाफ पटाखा व्यवसायी श्याम सुंदर अग्रवाल व विक्रम कुमार दांगी ने प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश के यहां क्रिमिनल रिविजन अपील 11 अप्रैल को दाखिल किया था. इस पर जिलाव सत्र न्यायाधीश ने पटाखों को नष्ट करने के सीजेएम के आदेश पर रोक लगाते हुए 16 अप्रैल की तिथि निर्धारित की थी.
आज इस पर सुनवायी करते हुए जिला व सत्र न्यायाधीश ने पटाखों को नष्ट करने के सीजेएम के आदेश पर रोक लगाते हुए एक्सप्लोसिव एक्ट 2008 रूल 129 का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें स्पष्ट प्रावधान है कि मुख्य विस्फोटक नियंत्रक को ही पटाखों को नष्ट करने का अधिकार है ना कि पुलिस को. साथ ही उन्होंने मुख्य पटाखा नियंत्रक को निर्देश दिया कि जब्त पटाखों के मामले मे यदि उन्हें लगता है कि इससे कोई नुकसान हो सकता है तो वे उसे सुरक्षित रखवाने की व्यवस्था करें.

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