कांच ही बांस के बहंगिया बहंगी ...

रामगढ़ : रामगढ़ व इसके निकटवर्ती क्षेत्रों में मंगलवार को चैती छठ पर छठवर्तियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया. रामगढ़ शहर के दामोदर नद घाट, बिजुलिया तालाब घाट समेत अन्य घाटों पर सुमधुर छठ गीतों के साथ भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया गया. भारी गर्मी व कड़ी धूप के संध्याबावजूद श्रद्धालुओं की भीड़ छठ […]

रामगढ़ : रामगढ़ व इसके निकटवर्ती क्षेत्रों में मंगलवार को चैती छठ पर छठवर्तियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया. रामगढ़ शहर के दामोदर नद घाट, बिजुलिया तालाब घाट समेत अन्य घाटों पर सुमधुर छठ गीतों के साथ भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया गया.
भारी गर्मी व कड़ी धूप के संध्याबावजूद श्रद्धालुओं की भीड़ छठ घाटों पर रही. छठवर्तियों के जाने वाले मार्गों व घाटों पर विभिन्न संस्थाओं द्वारा साफ-सफाई की गयी थी. दिन के तीन बजे से ही छठवर्तियों के घाटों पर पहुंचने का सिलसिला प्रारंभ हो गया था. अर्घ्य चढ़ाने के पश्चात देर शाम तक छठवर्तियों व श्रद्धालुओं को वापस लौटतेदेखा गया.
मांडू. मांडू व इसके आस पास के क्षेत्रों मे मंगलवार को चैती छठ मनाया गया. मौके पर कई छठव्रती दंडवत करते हुए जलाशय पहुंचे. वहां श्रद्धलुओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्ध्य दिया. इसके बाद धार्मिक अनुष्ठान के साथ विधिवत पूजन किया गया. पूजन को लेकर जोड़ा तालाब मांडू, नावाडी तालाब मांडू चटटी, दुधी नदी समेत विभिन्न जलाशयों में व्रतियों ने भगवान भास्कर को पहला अर्ध्य दिया. बुधवार को उदीयमान सूर्य को अर्ध्य देने के साथ चार दिवसीय महापर्व छठ संपन्न हो जायेगा.
पतरातू़ : पतरातू क्षेत्र में चैती छठ महापर्व का आयोजन धूमधाम से किया जा रहा है. मंगलवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया गया. पीटीपीएस डैम, कॉपर डैम, दामोदर नदी तट समेत क्षेत्र के अन्य नदी-तालाबों में छठव्रतियों ने सूर्य भगवान की विधिवत रूप से पूजा-अर्चना की. सूर्यास्त के समय अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया. 13 अप्रैल को उदयीमान सूर्य को अर्घ्य के साथ ही पर्व समाप्त हो जायेगा. पीटीपीएस डैम पर मानव सेवा संस्थान द्वारा भगवान सूर्य की प्रतिमा स्थापित की गयी है. साथ ही छठव्रतियों व श्रद्धालुओं के लिए प्रकाश व्यवस्था, यातायात व्यवस्था, चिकित्सा व्यवस्था, नारियल व दूध के वितरण की भी व्यवस्था की गयी है.
भुरकुंडा. कोयलांचल के विभिन्न छठ घाटों पर मंगलवार शाम श्रद्धालुओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया. इसके पूर्व छठव्रतियों ने घंटों तक छठ घाट के पानी में उतर कर भगवान भास्कर की अाराधना की. इस दौरान छठ के लोक गीत क्षेत्र में गूंजते रहे. कई जगह श्रद्धालुओं ने छठव्रतियों को सूप व दऊरा में प्रसाद दिया. अर्घ्य के लिए दूध की व्यवस्था भी की.
बुधवार की सुबह यहां उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दिया जायेगा. इसके साथ ही चैती छठ का समापन हो जायेगा. इसके बाद लोग रामनवमी की तैयारी में जुट जायेंगे. नीचे धौड़ा छठ मंदिर समिति द्वारा छठ व्रतियों सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किये गये थे. यहां बारह घंटे के अखंड कीर्तन का भी आयोजन किया गया है.

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