नदी का पानी रोका, बढ़ेगा जल संकट

सुबह से ही पहुंच चुके थे ग्रामीण दोपहर का खाना पुनर्वास स्थल पर ही खाया एसडीओ, एसडीपीओ सहित कई थाने की पुलिस पहुंची शाम पांच बजे हुआ रिवर क्लोज गोला/सोनडीमरा : झारखंड की महत्वाकांक्षी गोला के नावाडीह सौंटय स्थित भैरवा जलाशय योजना का रिवर क्लोज कराने पहुंचे प्रशासन के सोमवार को पसीने छूट गये. दिन […]

सुबह से ही पहुंच चुके थे ग्रामीण दोपहर का खाना पुनर्वास स्थल पर ही खाया एसडीओ, एसडीपीओ सहित कई थाने की पुलिस पहुंची शाम पांच बजे हुआ रिवर क्लोज गोला/सोनडीमरा : झारखंड की महत्वाकांक्षी गोला के नावाडीह सौंटय स्थित भैरवा जलाशय योजना का रिवर क्लोज कराने पहुंचे प्रशासन के सोमवार को पसीने छूट गये. दिन भर में कई बार यहां प्रशासन व विस्थापित आमने -सामने हुए.
विस्थापितों के विरोध व मान-मनौव्वल के बीच शाम पांच बजे रिवर क्लोज हो पाया. इसके पूर्व विस्थापित अपनी मांगों पर अड़े रहे. कई बार प्रशासन द्वारा ग्रामीणों से वार्ता भी की गयी. उधर विरोध कर रहे ग्रामीण विस्थापित महिला कड़ी धूप होने के कारण बेहोश हो गयी.
इसे महिला पुलिसकर्मी उठा कर अस्पताल पहुंचायी. जानकारी के अनुसार सरकार केनिर्देशानुसार रामगढ़ जिला के एसडीओ किरण कुमारी पासी, एसडीपीओ दीपक कुमार, गोला बीडीओ पवन कुमार, सीओ कामिनी कौशल लकड़ा सहित कई अधिकारी पुलिस बल के साथ सुबह लगभग नौ बजे के करीब भैरवी जलाशय योजना स्थल पर पहुंचे. लेकिन इसके पहले ही विस्थापित जलाशय स्थल पर पहुंचे चुके थे और काम को बंद करा दिया था़ साथ ही कार्य में लगे कर्मचारियों को खदेड़ दिया था. इनका कहना था कि जब तक हमलोगों को पुनर्वास कर बसाया नहीं जायेगा, तब तक रिवर क्लोज नहीं होने दिया जायेगा.
रिवर क्लोज होने से डैम में पानी भर जायेगा. जिससे 66 परिवार के घर, भूमि पूरी तरह डूब जायेंगे. लोगों ने कहा कि 25 वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक पुनर्वास स्थल पर कोई काम शुरू नहीं हुआ है. गोला बीडीओ व सीओ ने विस्थापितों को समझाने का प्रयास किया. लेकिन वे नहीं माने.
एसडीओ ने विस्थापितों के साथ की वार्ता
एसडीओ किरण कुमारी पासी जलाशय स्थल पर पहुंची और विरोध कर रहे विस्थापितों के साथ आम पेड़ के नीचे बैठक कर उनकी समस्याओं को जाना. एसडीओ ने कहा कि डैम निर्माण के बाद इसमें पहला हक यहां के विस्थापितों का रहेगा. सभी विस्थापित सदस्यों को विस्थापित प्रमाण पत्र निर्गत किया जायेगा. प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी में प्राथमिकता दी जायेगी. साथ ही विस्थापितों को इंदिरा आवास, राशन कार्ड, पेंशन के साथ स्कील डेवलपमेंट का प्रशिक्षण देकर पूंजी मुहैया कराया जायेगा.
खाना-पानी लेकर पहुंचे विस्थापित
विस्थापित अपना विरोध शाम तक जारी रखे हुए थे. इस बीच दोपहर का खाना भी कार्यस्थल पर ही खाया. भीषण गरमी में छोटे – छोटे बच्चे भी विरोध में मौजूद थे. उधर, घटनास्थल पर विस्थापितों को पेयजल नहीं मिल पा रहा था और अधिकारी मिनरल वाटर मंगा कर पी रहे थे.
जलाशय के अधिकारियों को लगायी फटकार
एसडीपीओ दीपक कुमार ने भैरवा जलाशय योजना में कार्यरत अधिकारियों से कहा कि लापरवाही के कारण इतने दिन गुजर जाने के बाद भी पुनर्वास स्थल पर कोई काम शुरू नहीं किया गया है. अगर काम हुआ होता, तो ग्रामीण विरोध नहीं करते.
पुलिस छावनी में तब्दील हुआ क्षेत्र
प्रशासन द्वारा विस्थापितों के विरोध से निबटने के लिए पहले से ही तैयारी की गयी थी. इसे लेकर रामगढ़, मांडू, भदानीनगर, गोला, बरलंगा, हजारीबाग से पुलिस बल के कई बटालियन को यहां बुलाया गया था. इसमें कोबरा, आरबीआइ व जैप के जवान भी शामिल थे. मौके पर अपर समाहर्ता नवीन नारायण वर्मा, अधीक्षण अभियंता ओमप्रकाश, मुख्य अभियंता, थाना प्रभारी राधे श्याम राम, रामेश्वर भगत, लिलेश्वर महतो, सुकरा उरांव सहित कई लोग मौजूद थे.

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