चितरपुर : प्रखंड क्षेत्र में पेयजल की समस्या ने विकराल रुप ले लिया है. गरमी शुरू होते ही यहां पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है. क्षेत्र के लगभग सभी कुएं सूख चुके हैं. अधिकांश जगहों पर चापानल भी खराब पड़ा है़ चितरपुर की लगभग एक लाख की आबादी पेयजलापूर्ति पर निर्भर है.
लेकिन पिछले 15 दिनों से पेयजलापूर्ति भी ठप है. बीच में एक दिन 10 मिनट पानी दिये जाने के बाद आज पांचवें दिन पेयजलापूर्ति व्यवस्था ठप पड़ी है. जिस कारण लोगों को पानी नहीं मिल रहा है. लोग जैसे – तैसे पानी का जुगाड़ कर रहे हैं. पंचायत द्वारा भी पानी की व्यवस्था नहीं की जा रही है. जिससे चितरपुर के विभिन्न मुहल्लों, मायल, मारंगमरचा, सांडी, तेबरदाग, सोंढ सहित कई गांवों के लोगों के समक्ष पेयजल की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गयी है.
चितरपुर : पेयजलापूर्ति ठप होने के संदर्भ में पीएचइडी विभाग के कार्यपालक अभियंता प्रभु दयाल मंडल ने पूछे जाने पर बताया कि पुराना मोटर खराब होने के कारण लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने कहा कि चितरपुर के उपभोक्ताओं पर 15 लाख रुपये बकाया है. नया मोटर खरीदने में छह लाख रुपये लगेगा. उपभोक्ता शीघ्र बिल जमा करें ताकि मोटर लगाया जा सके. उन्होंने कहा कि चापानल खराब होने की सूचना विभाग को दें. अविलंब इसकी मरम्मत करायी जायेगी.
