अवैध खदानों की डोजरिंग की गयी

अधिकारियों ने रजरप्पा के डंपिंग क्षेत्र का किया निरीक्षण रजरप्पा : जिला प्रशासन के निर्देश पर रजरप्पा क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम अवैध खदानों की डोजरिंग के लिए पहुंची. इसमें एसडीओ किरण कुमारी पासी, एसडीपीओ दीपक कुमार, डीएसपी मुख्यालय विरेंद्र चौधरी, गोला बीडीओ पवन कुमार शामिल थे. अधिकारी सबसे पहले भुचूंगडीह के भेड़ा […]

अधिकारियों ने रजरप्पा के डंपिंग क्षेत्र का किया निरीक्षण
रजरप्पा : जिला प्रशासन के निर्देश पर रजरप्पा क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम अवैध खदानों की डोजरिंग के लिए पहुंची. इसमें एसडीओ किरण कुमारी पासी, एसडीपीओ दीपक कुमार, डीएसपी मुख्यालय विरेंद्र चौधरी, गोला बीडीओ पवन कुमार शामिल थे. अधिकारी सबसे पहले भुचूंगडीह के भेड़ा नदी स्थित अवैध खदान स्थल पहुंचे. जहां अवैध सुरंगों का निरीक्षण कर डोजरिंग करने का निर्देश दिया.
इसके अलावे स्थानीय पुलिस ने अधिकारियों को रजरप्पा प्रोजेक्ट के डंपिंग यार्ड क्षेत्र में लाया गया. अधिकारियों को बताया गया कि यहां से भी मोटरसाइकिल, साईकिल व टोकरी से कोयले की चोरी की जाती है. साथ ही यहां से चोरी गये कोयले को पंश्चिम बंगाल भेजा जाता है. इस पर अधिकारियों ने यहां कोयला चोरी पर रोक लगाने का निर्देश दिया. बताते चले कि इन क्षेत्रों से व्यापक पैमाने पर कोयला चोरी व अवैध खनन की सूचना पर प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई की गयी. मौके पर रजरप्पा थाना प्रभारी मुन्ना कुमार सिंह, असलम खान के अलावे सीसीएल रजरप्पा के सुरक्षा विभाग के अधिकारी शामिल थे.
कई सुरंगों में नहीं पहुंच पाये अधिकारी
अधिकारियों का दल रजरप्पा क्षेत्र के कई अवैध खदानों तक नहीं पहुंच पाये. बताया जाता है कि लेढी टुंगरी, मंदिर घाट, धवैया, कुंदरु, सरैया, दामोदर नदी के कई जगहों पर अवैध खनन जारी है. जहां ये अधिकारी नहीं पहुंच पाये.
ईंट भट्ठों से मिलती है राशि
सूत्रों का कहना है कि कोयला तस्करी के दौरान अवैध कोयले की खपत ईंट भट्ठों में की जाती है. इस दौरान दुलमी, बारलोंग, छत्तर मांडू, बरलंगा, सोनडीमरा, चितरपुर, मारंगमरचा, गोला सहित दर्जनों ईंट भट्ठा के संचालक थाना में राशि पहुंचाते हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >