कुजू : प्रेमी द्वारा प्रेमिका की हत्या कर शव को झाड़ी में फेंकने का मामला प्रकाश में आया है. पुलिस प्रेमी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. उसने पुलिस के समक्ष प्रेमिका की हत्या कर शव को झाड़ी में फेंकने की बात स्वीकार की है. पुलिस ने उसकी निशानदेही पर शव बरामद कर लिया है. शव की पहचान तोपा कॉलोनी निवासी सह सीसीएल सारूबेड़ा परियोजना की कर्मी क्रांति देवी के रूप में की गयी. पुलिस ने शव का पंचनामा कर अंत्यपरीक्षण के लिए हजारीबाग भेज दिया है.
29 जनवरी से गायब थी क्रांति देवी
28 वर्षीय क्रांति देवी के पति अलंकार विश्वकर्मा की मौत दो वर्ष पूर्व हो गयी थी. उसके बाद क्रांति देवी का प्रेम संबंध रजरप्पा के एक युवक के साथ हो गया था. 29 जनवरी को वह ड्यूटी के लिए सारूबेड़ा गयी थी. देर रात तक घर नहीं लौटी, तो उसकी गुमशुदगी की जानकारी कुजू पुलिस को दी गयी. पुलिस ने घरवालों को परिजनों के यहां खोजबीन की सलाह दी. वहीं अपने स्तर से जांच-पड़ताल भी शुरू कर दी. इसी क्रम में क्रांति देवी के नौ वर्षीय पुत्र साहिल कुमार के बयान पर पुलिस ने क्रांति देवी के प्रेमी रजरप्पा सांडी निवासी विजय करमाली (पिता नकुल करमाली) को हिरासत में लिया. पूछताछ में विजय टूट गया. उसने क्रांति की हत्या की बात स्वीकार करते हुए शव को ओरला तालाब के समीप चूना भट्ठा के पास झाड़ी में छिपाने की बात स्वीकार की.
क्षत-विक्षत हालत में था शव
क्रांति देवी का शव क्षत-विक्षत हालत में था. सिर धड़ से अलग था. कई हिस्सा कंकाल में तब्दील हो गया था. वहीं कई हिस्से को पशु अपना ग्रास बना चुके थे. शरीर का निचला भाग सुरक्षित था. शव के निकट ही क्रांति देवी के कपड़ा, स्वेटर, कलाई घड़ी, चश्मा, बाल के गुच्छे आदि पड़े थे. पास में एक स्थान पर खून के धब्बे भी पाये गये.
सास ने बताया, मोबाइल अॉफ हो गया था
ओरला जंगल में शव मिलने की खबर पाकर क्रांति देवी की सास शांति देवी सहित गांव के लोग वहां पहुंचे. कपड़े, चश्मा सहित अन्य सामान को देख कर शव की पहचान क्रांति देवी के रूप में की. शांति देवी ने बताया कि 29 जनवरी की देर शाम बहू ने फोन पर बताया था कि वह गाड़ी से ओरला तक पहुंची चुकी है.
कुछ ही देर में घर पहुंच जायेगी. इसके बाद उसका मोबाइल स्वीच ऑफ हो गया. वहीं क्रांति के पुत्र ने बताया कि विजय करमाली हमेशा उसकी मां को अपनी मोटरसाइकिल पर लेकर घर आता-जाता था. कभी-कभी रात में घर में ही रह जाता था. पिछले एक माह से उसका आना-जाना नहीं था. फोन पर दोनों के बीच बातचीत व कभी-कभी झगड़ा भी होता था
