ज्वेलर्स दुकान से एक करोड़ की संपत्ति की डकैती, सरेआम लूट से थर्राया चितरपुर

ज्वेलर्स दुकान से एक करोड़ की संपत्ति की डकैती, सरेआम लूट से थर्राया चितरपुर

पुलिस और एफएसएल की टीम ने ज्वेलर्स दुकान में विभिन्न बिंदुओं की बारीकी से की जांच अपराधियों ने काफी देर तक इलाके का किया मुआयना सुरेंद्र कुमार / शंकर पोद्दार चितरपुर. रजरप्पा थाना क्षेत्र के चितरपुर रजरप्पा मोड़ पर मंगलवार को दिनदहाड़े हुई डकैती ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया. भीड़ वाले बाजार में हथियारबंद अपराधियों ने जिस तरह पिस्टल के दम पर लगभग एक करोड़ रुपये के आभूषण और नकद लूट लिये, उसने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी. घटना के बाद कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गयी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पांच से छह की संख्या में आये अपराधी पूरी तैयारी और साजिश के साथ पहुंचे थे. मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे बाइक से पहुंचे इन अपराधियों ने पहले बाजार की रेकी की. बताया जाता है कि अपराधियों ने काफी देर तक इलाके का मुआयना किया. फिर एक ही जगह अलग-अलग ज्वेलर्स दुकानों में आभूषण देखने के बहाने प्रवेश किया. सबसे पहले उत्तम ज्वेलर्स और फिर शिवनारायण ज्वेलर्स में घुस कर उन्होंने स्थिति को परखा, लेकिन दुकानदारों की सतर्कता के कारण उन्हें सफलता नहीं मिली. इसके बाद अपराधियों ने बगल में स्थित शिव शंकर ज्वेलर्स को निशाना बनाया. दुकान में घुसते ही उन्होंने सामान्य ग्राहक की तरह व्यवहार किया. व्यवसायी विष्णु वर्मा से सोने की चेन दिखाने को कहा. विष्णु ने अपने छोटे भाई विवेक को चेन लाने को कहा. इसी दौरान अचानक एक अपराधी ने पिस्टल निकालकर विष्णु वर्मा पर तान दी. बाकी अपराधियों ने दुकान में रखे सोने-चांदी के आभूषण और नकद समेटना शुरू कर दिया. पूरी घटना को इतनी तेजी से अंजाम दिया गया कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला. कुछ ही मिनटों में गहने और नकद अपराधियों के कब्जे में थे. समाचार भेजे जाने तक पुलिस और एफएसएल की टीम ज्वेलर्स दुकान में विभिन्न बिंदुओं की बारीकी से जांच कर रही थी. जान जोखिम में डाल कर दोनों अपराधियों को दबोचा अपराधियों की योजना पूरी तरह सफल नहीं हो सकी. जैसे ही घटना की भनक आसपास के लोगों को लगी, व्यवसायी के छोटे भाई विवेक वर्मा ने जान जोखिम में डाल कर साहस का परिचय दिया. उन्होंने तुरंत शोर मचाकर लोगों को इकट्ठा किया और ग्रिल बंद करने का प्रयास किया. देखते ही देखते आसपास के दुकानदार और ग्रामीण मौके पर जुट गये और अपराधियों को घेरने की कोशिश शुरू कर दी गयी. ग्रामीणों की तत्परता और साहस का नतीजा यह हुआ कि दो अपराधी मौके पर ही पकड़ लिये गये. हालांकि, तीन से चार अपराधी लूट का सामान लेकर भागने में सफल रहे. पकड़े गये अपराधियों को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. आक्रोशित व्यवसायियों और स्थानीय लोगों ने दोनों को दुकान के अंदर बंधक बना लिया और ग्रिल में ताला जड़ दिया. पुलिस को अंदर प्रवेश करने नहीं दिया, तनावपूर्ण रही स्थिति : घटना के बाद यहां लगभग 45 मिनट तक स्थिति पूरी तरह तनावपूर्ण बनी रही. गुस्साये लोगों ने पुलिस को अंदर प्रवेश नहीं करने दिया और एसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे. इस दौरान घटनास्थल पर सैकड़ों की भीड़ उमड़ पड़ी. घटना के बाद कुछ देर के लिए चितरपुर रजरप्पा मोड़ पर जाम की स्थिति बन गयी. भारी भीड़, हंगामा और अफरा-तफरी के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गयी और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया. आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. बाद में डीएसपी फौजान अहमद, रजरप्पा थाना प्रभारी कृष्ण कुमार के हस्तक्षेप से स्थिति नियंत्रित हुई. मौके पर चितरपुर सीओ दीपक मिंज, रामगढ़ थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडेय, गोला थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सहित कई अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल के जवान उपस्थित थे. पिस्टल, मोबाइल और बाइक जब्त : सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन लोगों के आक्रोश के कारण तुरंत कार्रवाई करना आसान नहीं था. काफी मशक्कत और समझाने के बाद पुलिस दुकान के अंदर प्रवेश कर सकी और दोनों आरोपियों को अपने कब्जे में लिया. घायल अवस्था में दोनों को सदर अस्पताल, रामगढ़ भेजा गया. पुलिस ने अपराधियों के पास से एक पिस्टल, मोबाइल फोन और बाइक (जेएच 24पी-4932) बरामद की है. एसपी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण : रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की गहन जांच की. उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर व्यवसायियों और स्थानीय लोगों से पूछताछ की. फिंगरप्रिंट टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाये गये. एसपी ने कहा कि गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ जारी है और फरार अपराधियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जायेगी. लूटे गये आभूषण और नकद की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. छह माह पूर्व हुई थी स्कॉर्पियों की चोरी : इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं. बताया जाता है कि करीब छह माह पूर्व भी व्यवसायी विष्णु वर्मा की स्कॉर्पियो की चोरी हो गयी थी. इसका अब तक उद्भेदन नहीं हो सका है. लगातार हो रही घटनाओं से व्यापारियों में असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है. डकैती के बाद चितरपुर बाजार के व्यवसायियों में आक्रोश देखा गया. ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से नियमित गश्त बढ़ाने, बाजार क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था लागू करने और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने की मांग की है.

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By SAROJ TIWARY

SAROJ TIWARY is a contributor at Prabhat Khabar.

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