उरीमारी. सयाल डी कोलियरी में इन दिनों कोयले की गुणवत्ता को लेकर विवाद हो गया है. आरोप है कि जी-10 ग्रेड के नाम पर मिट्टी व पत्थर मिश्रित घटिया कोयला स्टॉक कर दिया गया है. इससे नाराज विस्थापितों व ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कोलियरी में संचालित आरए माइनिंग के सभी कार्यों को पूरी तरह बंद करा दिया है. बताया जाता है कि डिस्पैच ऑफिसर द्वारा लिफ्टरों व विस्थापितों पर उक्त घटिया कोयला उठाने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था. विरोध करने पर भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तब मजबूर होकर विस्थापितों व ग्रामीणों ने ठप करने का कदम उठाया. विस्थापितों का कहना है कि जी-10 कोयले के नाम पर जो स्टॉक तैयार किया गया है, उसमें भारी मात्रा में मिट्टी व पत्थर मिला हुआ है. इससे उसकी गुणवत्ता बेहद खराब हो गयी है. ऐसे कोयले को उठाने से उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा. उन्होंने विजिलेंस विभाग से पूरे स्टॉक की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. आंदोलन को देखते हुए प्रबंधन ने हस्तक्षेप किया. आश्वासन दिया कि हर हाल में अच्छी गुणवत्ता का जी-10 कोयला उपलब्ध कराया जायेगा. इसके बाद काम चालू हुआ. इधर, प्रबंधन के आश्वासन पर ग्रामीणों ने कहा कि यदि दो-तीन दिनों में बेहतर कोयला उपलब्ध नहीं कराया गया, तो सयाल डी कोलियरी को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जायेगा. आंदोलन में पिंकू प्रसाद, रवींद्र प्रसाद, सूरज प्रसाद, नितेश प्रसाद, चतुर्भुज प्रसाद, केदार प्रसाद, किशन प्रसाद आदि शामिल थे.
घटिया कोयले के विरोध में ग्रामीणों ने बंद कराया सयाल कोलियरी का काम
घटिया कोयले के विरोध में ग्रामीणों ने बंद कराया सयाल कोलियरी का काम
