पतरातू : रहमत का पवित्र रमजान माह सात मई से शुरू हुआ. मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रोजा रखा और मस्जिदों में खुदा की विशेष इबादत की. मंगलवार को समुदाय के बच्चे, युवाओं, बुजुर्गों व महिलाओं ने रमजान माह का पहला रोजा रखा. शाम में अजान होने के बाद लोगों ने इफ्तार किया. रमजान माह को लेकर मुस्लिम समाज के लोग काफी खुश हैं.
अल्लाह अपने बंदों पर रहमतों का खजाना लुटाते हैं : खुदा को खुदा की राह में समर्पित कर देने का प्रतीक पाक महीना माह -ए- रमजान न सिर्फ रहमतों और बरकतों की बारिश का वक्फा है, बल्कि मानव जाति को प्रेम, भाईचारा और इंसानियत का संदेश भी देता है. उक्त बातें पतरातू जामा मस्जिद के कारी मोइनुद्दीन फैजी ने कही.
उन्होंने कहा कि मौजूदा हालत में रमजान का संदेश और भी प्रासंगिक हो गया है. इस पाक महीने में अल्लाह अपने बंदों पर रहमतों का खजाना लुटाते हैं. भूखे, प्यासे रह कर खुदा की इबादत करने वालों के गुनाह माफ हो जाते हैं. इस माह में दोजख (नरक) के दरवाजे बंद कर दिये जाते हैं और जन्नत की राह खुल जाती है.
