सरहुल प्रकृति को बचाने का पर्व है : प्रकाश करमाली

गोला : गोला प्रखंड के चोकड़बेड़ा में सोमवार को सरना पूजा समिति ने सरहुल का आयोजन किया. इसमें समाजसेवी प्रकाश करमाली मौजूद थे. उन्होंने कहा कि सरहुल प्रकृति को बचाने का पर्व है. हमें पेड़-पौधों को कटने से बचाना होगा, तभी हमारा जीवन सुरक्षित रहेगा. आज हम अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए अंधाधुंध […]

गोला : गोला प्रखंड के चोकड़बेड़ा में सोमवार को सरना पूजा समिति ने सरहुल का आयोजन किया. इसमें समाजसेवी प्रकाश करमाली मौजूद थे. उन्होंने कहा कि सरहुल प्रकृति को बचाने का पर्व है. हमें पेड़-पौधों को कटने से बचाना होगा, तभी हमारा जीवन सुरक्षित रहेगा. आज हम अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए अंधाधुंध पेड़ों की कटाई कर रहे हैं.

जो आने वाले समय में घातक सिद्ध हो सकता है. उन्होंने लोगों से पेड़ों की रक्षा करने की अपील की. इस दौरान लोगों ने प्रकृति को बचाने का संकल्प लिया. इससे पूर्व सरना की विधिवित पूजा-अर्चना पाहन ने की़ साथ ही श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया. मौके पर सरहुल की झांकी व जुलूस निकाला गया जो पूरे गांव का भ्रमण किया. इस दौरान स्थानीय कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें झूमर व लोकगीतों पर कलाकारों ने जम कर नृत्य किया.

मौके पर भुनेश्वर बेदिया, नागेश्वर बेदिया, शिवचरण बेदिया, मोहीत करमाली, राजेंद्र बेदिया, गुप्ता बेदिया, फेकन बेदिया, रंजीत बेदिया, भृगु बेदिया, हेमलाल बेदिया, दीपक बेदिया, अनील बेदिया, मंशू बेदिया, गौरव बेदिया, रंभू बेदिया, जयदेव बेदिया, तारकेश्वर बेदिया सहित कई लोग मौजूद थे.

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