कुआं व चापानल पर लग रही लंबी कतार
भुरकुंडा : भुरकुंडा कोयलांचल समेत पतरातू प्रखंड की कई पंचायतों में जल संकट गहरा गया है. ऐसा सीसीएल की लचर जलापूर्ति के कारण हुआ है. सीसीएल क्षेत्र में रहने वाले लोग पूरी तरह से कुआं व चापानलों पर आश्रित हो चुके हैं. छह पंचायतों के लगभग 100 से अधिक चापानल खराब हो गये हैं. वहीं, चालू कुआं व चापानलों का जलस्तर काफी तेजी से नीचे जा रहा है. जिस कुएं व चापानल में पानी है, वहां लंबी कतारें लग रही है, जो लोगों के लिए परेशानी का सबब है. लोग अहले सुबह से देर रात तक पानी के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं. चीफ हाउस पंचायत में 25, सौंदा डी में 11, भुरकुंडा में 12 चापानल खराब है.
ग्रामीण क्षेत्रों में भी है हाहाकार
कोयलांचल की ही तरह ग्रामीण क्षेत्र में भी पानी के लिए हाहाकार है. इसकी जद में सौंदा बस्ती, बलकुदरा, लबगा पंचायत है. जहां पानी के लिए लोगों को रतजगा करना पड़ रहा है. लबगा पंचायत में 22, बलकुदरा में 16, सौंदा बस्ती में आठ चापानल खराब पड़ा है. बलकुदरा की मुखिया ने कहा कि चापानल मरम्मत के लिए विभाग से मांग की गयी है, लेकिन विभाग ध्यान नहीं दे रहा है.
रोजेदार भी हैं परेशान
रमजान के महीने में पानी की इस किल्लत से रोजेदार खासे परेशान हैं. रोजा रख कर उन्हें दिन भर पानी के लिए भाग-दौड़ा करना पड़ रहा है. हालांकि कुआं व चापानलों पर लगने वाली भीड़ रोजेदारों को पानी भरने में पूरी प्राथमिकता दे रही है. बावजूद इसके रोजा रखकर पानी के लिए इधर-उधर भटकना उनके लिए एक बड़ी मुसीबत है. सीसीएल प्रबंधन को रोजेदारों की इस तकलीफ से वाकिफ कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है, जिससे आम-आवाम में प्रबंधन के प्रति रोष है.
