2017 में टीपीसी के छह उग्रवादियों की हत्या में शामिल था विजय लेवी वसूलने में माहिर है विजय

पतरातू़ : रामगढ़ पुलिस ने जेजेएमपी के कुख्यात उग्रवादी विजय महतो उर्फ छोटन को गिरफ्तार की है. इसे पतरातू क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया़ एसपी रामगढ़ ए विजयालक्ष्मी ने पतरातू थाना प्रभारी लिलेश्वर महतो के नेतृत्व में घाटो प्रभारी रामेश्वर भगत, कुजू प्रभारी संतोष गुप्ता व भदानीनगर प्रभारी अर्जुन उरांव समेत सशस्त्र बलों की एक […]

पतरातू़ : रामगढ़ पुलिस ने जेजेएमपी के कुख्यात उग्रवादी विजय महतो उर्फ छोटन को गिरफ्तार की है. इसे पतरातू क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया़ एसपी रामगढ़ ए विजयालक्ष्मी ने पतरातू थाना प्रभारी लिलेश्वर महतो के नेतृत्व में घाटो प्रभारी रामेश्वर भगत, कुजू प्रभारी संतोष गुप्ता व भदानीनगर प्रभारी अर्जुन उरांव समेत सशस्त्र बलों की एक टीम गठित की थी. इसकी तलाश रामगढ़ व हजारीबाग पुलिस लंबे समय से कर रही थी. केरेडारी थाना समेत कई थानों में इस पर मामला दर्ज है. सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार उग्रवादी विजय महतो से हजारीबाग जिला पुलिस भी पूछताछ कर रही है.

टीपीसी छोड़ जेजेएमपी में हुआ शामिल : विजय महतो टीपीसी को छोड़ कर उग्रवादी संगठन जेजेएमपी में शामिल हो गया़ संगठन के लिए केंद्र व राज्य सरकार की विकास योजनाओं के ठेकेदारों व रेलवे के ठेकेदारों को डरा-डमका कर लेवी वसूला करता था. लेवी का पैसा संगठन के बड़े नेताओं को पहुंचाता था. इसमें मुख्य रूप से जोनल कमांडर भीखन गंझू उर्फ भीखन जी है.
टीपीसी के छह सदस्यों की हत्या में था शामिल : विजय महतो ने बताया कि वर्ष 2017 में हेंदेगीर में टीसीपी के छह सदस्यों की हत्या जोनल कमांडर भीखन गंझू द्वारा कराया गया था. मई माह में हेंदेगीर बुड़मु जंगल में टीपीसी की बैठक हुई थी. इसमें जोनल कमांडर सागर व भीखन समेत एरिया कमांडर मोहन, सोरेन उर्फ राहुल गंझू, आजाद, सत्येंद्र उर्फ जॉनसन और एरिया प्रभारी व्यास अपने साथियों के साथ पहुंचा था.
इस दौरान लेवी का पैसा व एरिया को लेकर सागर व भीखन में बहस हो गया. संगठन के अन्य लोगों ने दोनों को समझा कर मामला शांत कराया. इसके बाद सभी लोग हेंदेगीर बरवाटोला नाला के पास खाना-पीना खा कर सो गये.
भीखन गंझू ने पिपरवार निवासी संतोष रविदास को संतरी पर रखा था. इसके बाद जोनल कमांडर भीखन गंझू व अनिल भुइयां सागर व उसके समर्थकों को मारने की योजना बनायी. देर रात को भीखन गंझू, मनमोहन गंझू, सोरेन उर्फ राहुल, सहिंद्र, कर्मपाल, अनिल भुइयां, भुवनेश्वर उरांव, दीपक बेदिया, विकास भुइंया, अरुण, नितेश गंझू उर्फ संतोष ने सो रहे जोनल कमांडर सागर उर्फ दलाल गंझू, मनीष महतो, सलिम, एरिया प्रभारी व्यास, डब्लु उर्फ डोमन, शैलेंद्र उर्फ जॉनसन, सरजू गंझू व सत्येंद्र गंझू पर अंधाधुंध फायरिंग की. इसमें सागर जी समेत छह लोगों की मौत हो गयी थी.
सिकिदरी जंगल में बनाया जेजेएमपी संगठन : टीपीसी के छह सदस्यों को मारने के बाद अनिल भुइंया गांव के लड़के को फोन कर बोलेरो गाड़ी मंगवाया और बोलेरो पर सवार होकर सभी पतरातू पिठौरिया घाटी पहुंचे. वहां से पैदल जंगल होते हुए ओरमांझी सिकिदरी जंगल पहुंच कर शरण लिया और यहीं पर भीखन गंझू ने जेजेएमपी संगठन बनाया. इसके बाद विकास योजनाओं के ठेकेदारों व लोगों से लेवी वसूलने लगा.

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