एक चापानल पर आश्रित हैं उत्क्रमित मवि के 450 बच्चे

विद्यालय का एक चापानल खराब है, नवनिर्मित सोलर पानी टंकी भी है खराब मध्याह्न भोजन तैयार करने में हो रही है परेशानी हैंडवास यूनिट व शौचालय में भी पानी नहीं रहने से हो रही है परेशानी पानी की समस्या है : बीइइअो पतरातू वन के बीइइओ जुनास टोप्पो ने कहा कि विद्यालय का निरीक्षण किया […]

विद्यालय का एक चापानल खराब है, नवनिर्मित सोलर पानी टंकी भी है खराब

मध्याह्न भोजन तैयार करने में हो रही है परेशानी
हैंडवास यूनिट व शौचालय में भी पानी नहीं रहने से हो रही है परेशानी
पानी की समस्या है : बीइइअो
पतरातू वन के बीइइओ जुनास टोप्पो ने कहा कि विद्यालय का निरीक्षण किया गया है. थोड़ी -बहुत पानी की समस्या है. संबंधित विभाग को पानी की समस्या को दूर करने के लिए कहा गया है.
पतरातू : पतरातू प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय में पानी की समस्या से बच्चे आैर शिक्षक परेशान हैं. विद्यालय परिसर में काफी दूर में स्थित एक चापानल है. इस चापानल पर विद्यालय के 450 बच्चे आैर शिक्षक निर्भर हैं. विद्यालय में डीएनएफटी मद द्वारा चार हजार क्षमता वाली सोलर पानी टंकी बनी, लेकिन यह केवल विद्यालय की शोभा बन कर रह गयी है. विद्यालय परिसर में स्थापित एक दूसरा चापानल है, लेकिन वह कारगर नहीं है.
खराब है लाखों से बनी सोलर पानी टंकी : उत्क्रमित मध्य विद्यालय, तालाटांड़ में सिद्धि धात्री इंटरप्राइजेज एजेंसी द्वारा डीएनएफटी मद द्वारा सोलर आधारित चार हजार लीटर क्षमता की पानी टंकी बनायी गयी है. इससे पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है. विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि एजेंसी ने विद्यालय प्रबंधन को टंकी हैंडओवर कर दिया है, लेकिन उससे जलापूर्ति नहीं हो रही है. जब प्रबंधन ने इसकी शिकायत संबंधित एजेंसी से की, तो एजेंसी के लोग पैनल बोर्ड को खोल कर ले गये.
टंकी से कनेक्शन के बाद चापानल भी हो गया खराब : लोगों ने बताया कि विद्यालय परिसर में स्थापित चापानल के चालू रहने से पानी की समस्या कम थी. जब सोलर पानी टंकी को चापानल की बोरिंग से कनेक्शन कर दिया गया, तब से तो चापानल भी खराब हो गया. इससे विद्यालय में पानी की समस्या आैर भी बढ़ गयी है.
एमडीएम में भी हो रही है परेशानी : सोलर पानी टंकी से पानी आपूर्ति नहीं होने व चापानल खराब होने के कारण विद्यालय में मध्याह्न भोजन तैयार करते समय पानी की समस्या उत्पन्न हो जाती है. विद्यालय में 450 बच्चे नामांकित हैं. 350-400 बच्चों को भोजन बनता है. हैंडवास यूनिट व शौचालय में भी पानी नहीं रहने के लिए छात्र-छात्राओं को काफी परेशानी हो रही है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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