रामगढ़ : राजनीतिक दलों ने हमें कायर बना दिया है. हम सच बोलने से डरने लगे हैं. इसलिए हम अलीमुद्दीन हत्याकांड में सच बोलने से डरने लगे हैं. उक्त बातें भाजपा के पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने मंगलवार को अलीमुद्दीन हत्याकांड में निर्दोषों को फंसाने के विरोध में आैर घटना की सीबीआइ व एनआइए जांच की मांग को लेकर शुरू किये गये आंदोलन में कही.
उन्होंने कहा कि घटना में निर्दोषों को फंसाया गया है. जिन लोगों ने फोन पर पुलिस को सूचना दी, वे लोग दोषी कैसे हो सकते हैं. अलीमुद्दीन की मौत पुलिस की पिटाई से हुई है. पुलिस वालों को बचाने के लिए निर्दोषों को फंसा दिया गया. उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री सह हजारीबाग सांसद केे बारे में कहा कि घटना के 10 माह बाद उन्हें निर्दोष व उनके घर वालों की याद आयी. कुछ दिन पूर्व हेहल में एक युवक सुनील गिरी की हत्या कर दी गयी. इसमें पैसे लेकर अभियुक्तों के नाम को हटा दिया गया. प्रतिदिन ईंट भठ्ठों पर छापामारी कर कोयला पकड़ा जा रहा है. जिस क्षेत्र में कोयला पकड़ा जा रहा है, उस क्षेत्र के थानेदार पर केस होना चाहिए. बड़कागांव के पूर्व विधायक लोकनाथ महतो ने कहा कि यह लड़ाई हिंदू- मुसलमान की नहीं है. यह इंसाफ की लड़ाई है. हम जांच की मांग कर रहे हैं. निर्दोष को जेल से रिहा करना होगा. हिंदू समाज युवा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक सिसोदिया ने कहा कि सजा पाये गोरक्षक युवक निर्दोष हैं. इन्हें पुलिस ने फंसाया है. इनकी रिहाई तक आंदोलन जारी रहेगा. पुराने जनसंघी व भाजपा के छतरनाथ चौधरी ने भी अपने विचार रखे. सभा का संचालन भाजपा के जिला महामंत्री बलराम कुशवाहा ने किया.
