प्रतिनिधि मेदिनीनगर
राज्य के पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने झारखंड की लचर विधि व्यवस्था पर सवाल उठाया और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार करने की मांग किया.उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सुझाव देते हुए कहा कि गृह मंत्री का पद आपके पास है. ऐसा प्रतीत होता है कि सीएम काफी व्यस्त हैं. यदि आपके पास समय का अभाव है तो गृह विभाग किसी सक्षम मंत्री को सौंप दें. पूर्णकालिक डीजीपी की नियुक्ति किया जाना चाहिये, ताकि राज्य की विधि व्यवस्था दुरुस्त हो सके और सुरक्षा का बेहतर वातावरण बना रहे. स्थानीय परिसदन के सभागार में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने पलामू में तेजी से बढ़ रहे आपराधिक घटनाओं पर चिंता जाहिर किया.
उन्होंने कहा कि पलामू जिले में आपराधिक घटनाओं में काफी इजाफा हुआ है. करीब डेढ़ वर्षों में सिर्फ पलामू जिला में 100 से अधिक लोगों की हत्या हो चुकी है. कई आपराधिक घटनाओं में पुलिस की संलिप्तता बतायी जाती है. पाटन में युवक की हत्या के मामले में भी पुलिस की भूमिका बतायी जा रही है. राज्य सरकार पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराये, ताकि स्पष्ट हो सके कि कौन पुलिस पदाधिकारी इस तरह की घटना में शामिल हैं. उन्होंने कहा कि पलामू के लोग अब आपराधिक घटनाओं को बर्दाश्त नहीं कर सकते. विधि व्यवस्था को दुरुस्त करने की जरूरत है. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वे किसी विधानसभा, लोकसभा या राज्य सभा के सदस्य नहीं हैं. वे कांग्रेस पार्टी और जनता के प्रति जवाबदेह हैं. यदि विधि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन करने को बाध्य होंगे. पूर्व मंत्री ने कहा कि भाजपा सत्ता की लालची है. वह सिर्फ वोट की बात करती है, उसे जनता के हित से कोई मतलब नहीं है. उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता इथनॉल का उत्पादन कर एक लाख करोड़ प्रत्येक माह कमा रहे हैं. डीजल पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथनॉल मिलाकर बेचा जा रहा है. मिलावटी डीजल पेट्रोल का उपयोग करने से वाहन का इंजन खराब हो जायेगा. उन्होंने डीजल पेट्रोल में इथनॉल मिलावट के मामले में केंद्र सरकार से व्हाइट पेपर जारी करने की मांग किया है. मौके पर शत्रुघ्न कुमार शत्रु, विवेकानंद त्रिपाठी, अरविंद पासवान, परमदेव सिंह, रंजन दुबे सहित कई लोग मौजूद थे.
