Palamu News: पलामू जिले के पांकी प्रखंड के तरवाडीह गांव में रविवार को भाकपा माले के वरिष्ठ नेता दिवंगत आरएन सिंह की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई. इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने उनकी प्रतिमा का अनावरण किया. इसके बाद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए.
संघर्षपूर्ण रहा आरएन सिंह का जीवन: दीपांकर भट्टाचार्य
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि आरएन सिंह का पूरा जीवन संघर्ष, सामाजिक न्याय और समतावादी समाज की स्थापना के लिए समर्पित रहा. उन्होंने कहा कि वंचित, शोषित और गरीब तबके के अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले ऐसे नेताओं से नई पीढ़ी को प्रेरणा लेने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब शिक्षा, रोजगार, महंगाई, भ्रष्टाचार और लोकतांत्रिक अधिकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं, ऐसे दौर में आरएन सिंह का हमारे बीच से चले जाना पार्टी और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है. उन्होंने कहा कि दिवंगत नेता अंतिम समय तक छात्र-युवा आंदोलनों के साथ मजबूती से जुड़े रहे और जनसरोकारों के मुद्दों पर लगातार सक्रिय रहे.
संघर्षों की विरासत को आगे बढ़ाने का आह्वान
दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि आरएन सिंह के विचारों और संकल्पों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी. उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे सामाजिक समानता, लोकतांत्रिक अधिकारों और आम लोगों के हितों की लड़ाई को उसी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाएं, जिस तरह आरएन सिंह ने अपने जीवन में किया. उन्होंने बताया कि आरएन सिंह ने पलामू क्षेत्र में सामंती जुल्म और जमींदारी प्रथा के खिलाफ जन-आंदोलनों को तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उन्होंने गरीबों, किसानों और मजदूरों की आवाज को बुलंद करने के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया और जनआंदोलनों को मजबूत आधार देने का काम किया.
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नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के दौरान मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरएन सिंह के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ सामाजिक बदलाव के लिए लगातार काम किया. वक्ताओं ने कहा कि उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा. श्रद्धांजलि सभा में पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प भी लिया. पूरे आयोजन का माहौल भावुक और संघर्ष की स्मृतियों से भरा रहा, जहां हर वक्ता ने आरएन सिंह के जनपक्षधर जीवन और उनके विचारों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया. आखिर कुछ नेता भाषणों से याद रहते हैं, लेकिन कुछ अपनी लड़ाइयों की वजह से पीढ़ियों तक याद किए जाते हैं.
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