पाटन से राम नरेश तिवारी की रिपोर्ट
पाटन(पलामू). पलामू जिले के पाटन प्रखंड के दीपौवा जंगल में शनिवार की मध्य रात्रि लकड़ी काट रहे लोग ग्रामीणों के पहुंचते ही उपकरण छोड़कर भाग निकले. ग्रामीणों को जंगल में लकड़ी काटे जाने की सूचना मिली थी. इसके बाद ग्रामीणों की टोली मौके पर पहुंची. ग्रामीणों के आने की भनक लगते ही लकड़ी काट रहे लोग वहां से भाग गये. उनके द्वारा लकड़ी काटने में इस्तेमाल किये जा रहे उपकरण जंगल में ही छूट गये. ग्रामीणों ने उपकरण अपने कब्जे में लेकर इसकी सूचना संबंधित अधिकारी को देने की बात कही है.
विभिन्न जंगलों में हो रही कीमती पेड़ों की कटाई
ग्रामीणों के अनुसार, पाटन प्रखंड के विभिन्न जंगलों में खैर, शीशम समेत अन्य कीमती पेड़ों की कटाई की जा रही है. जलावन की लकड़ी लाने के बहाने जंगल में प्रवेश कर कीमती पेड़ों को काटकर बाहर निकाला जा रहा है.
खैर-शीशम की लकड़ी से तैयार होते हैं फर्नीचर
ग्रामीणों ने बताया कि खैर और शीशम की लकड़ी से चौकी, दीवान, टेबल, कुर्सी समेत अन्य फर्नीचर तैयार किये जाते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि वे अब टोली बनाकर जंगलों की निगरानी कर रहे हैं. साथ ही अवैध कटाई में शामिल लोगों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है.
वन विभाग से नियमित गश्ती बढ़ाने की मांग
ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगलों में नियमित गश्ती बढ़ाने और अवैध लकड़ी कटाई व तस्करी पर रोक लगाने की मांग की है. इस संबंध में रेंजर उमेश दुबे ने बताया कि उन्हें मामले की सूचना नहीं है. जानकारी मिलने पर तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
