सार्वजनिक स्थलों पर नहीं है शेड, होती है लोगों को परेशानी

ठंड-गर्मी-बरसात में खुले आसमान तले इंतज़ार करते हैं यात्री

ठंड-गर्मी-बरसात में खुले आसमान तले इंतज़ार करते हैं यात्री

प्रभात खबर टीम, मेदिनीनगर

पलामू के अधिक महत्वपूर्ण और सार्वजनिक स्थलों पर यात्री शेड नहीं है और जहां हैं, वहां की स्थिति अच्छी नहीं है. कई यात्री शेड का निर्माण काफी समय पहले किया गया था. आज शेड की स्थिति बदहाल हो गयी है. वहीं कई यात्री शेड का अतिक्रमण कर लिया गया है. शेड में गंदगी फैले रहने के कारण लोग यात्री शेड में ठहर नहीं पाते हैं. यात्री शेड नहीं होने के कारण यात्रियों को वाहनों का इंतज़ार करते समय बहुत परेशानी होती है. वर्तमान समय में कड़ाके की ठंड पड़ रही है जिसके कारण यात्रियों को ठंड में ठिठुरना पड़ता है. इतना ही नहीं खुले में खड़े रहने से दुर्घटना का डर भी बना रहता है. सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को होती है. जो बच्चों और सामान के साथ होती हैं. बीमार लोगों को भी काफी परेशानी होती है. स्कूल-कॉलेज और कोचिंग जाने वाले विद्यार्थियों, मजदूरों और कहीं अन्यत्र यात्रा पर निकले लोग इस कारण सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं.यात्री शेड नहीं होने के कारण लोग इधर-उधर बैठ कर वाहनों का इंतजार करते रहते हैं. प्रभात खबर टीम ने पूरे जिले में इसकी पड़ताल की है.

तरहसी : यात्री शेड पर दुकानदारों का है कब्जा

तरहसी के बारहपरवा मोड, सेवती अड्डा, मनातू -तरहसी सीमा, श्रीकेदाल मोड, तरहसी डिग्री महाविद्यालय के समीप, सिलडिलिया चौक, टिकुलिया चौक, सोनपुरा तैराई चौक, कसमार चौंक, सुखरो नदी, पाटन तरहसी सीमा पर, छेछानी सहित कई ऐसे स्थान हैं जहां यात्रियों का जमावड़ा होता है और उन्हें वाहनों के इंतजार में खड़ा रहना पड़ता है. इससे उन्हें काफी परेशानी होती है. लोगों का कहना है कि यहां यात्री शेड बनाने की जरूरत है. इधर तरहसी प्रखंड क्षेत्र के लेस्लीगंज पदमा रोड में बेदानी परशुराम चौक पर वर्षों पुराना एक यात्री शेड है.यह शेड अतिक्रमण की भेंट चढ़ गया है.यात्रियों की जगह चाट समोसा आदि की दुकानों को लगा दिया गया है. यहां रोजाना मेदिनीनगर, पाटन, पदमा, मनातू, किशुनपुर, पांकी सहित रांची जाने वाली यात्री बस का आना- जाना होता है. छोटी टैक्सी का भी यहीं से आगमन व प्रस्थान होता है. इस कारण यात्रियों को बैठने में परेशानी भी होती है. इधर दुकानदारों का कहना है कि उनकी वजह से ही यात्री शेड सुरक्षित हैं. इसकी देखभाल टूट फूट जाने पर मरम्मत और रोजाना सफाई की जाती है.

विश्रामपुर : चार अस्थायी बस स्टैंड में सिर्फ एक जगह है यात्री शेड

विश्रामपुर नगर परिषद व आंचलिक क्षेत्र में मुख्य रूप से चार अस्थायी बस स्टैंड है. जिसमें विश्रामपुर नप मुख्यालय, रेहला महावीर चौक, रेहला थाना चौक व बी मोड़ शामिल हैं. विश्रामपुर नप मुख्यालय स्थित अस्थायी बस स्टैंड के पास ही यात्री शेड हैं, जो काफी पुराना व जर्जर हो चुका है. इसका भी ठेला खोमचा लगाने वाले दुकानदारों ने अतिक्रमण कर लिया है. सामने ठेला पर दुकान लगाये जाने से यात्री शेड में जाने का रास्ता अवरुद्ध हो जाता है.वहीं शेड के पीछे गंदगी का अंबार लगा हुआ है.जिस कारण उसमें यात्रियों का बैठना काफी दूभर हो गया है.बाकी तीन अस्थायी बस स्टैंडों के पास यात्री शेड है ही नहीं,जिससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है.

छतरपुर : सात वर्षों के बाद भी नहीं हो सका बस पड़ाव का निर्माण

छतरपुर नगर पंचायत बनने के सात वर्षों बाद भी आज तक बस पड़ाव का निर्माण नहीं हो सका है. वर्ष 2018 में छतरपुर को नगर पंचायत का दर्जा मिला था. लेकिन आज तक न तो बस पड़ाव का निर्माण हुआ है और न ही यात्री शेड का निर्माण हुआ है. छतरपुर से कई अंतराज्यीय बसे जैसे उत्तरप्रदेश, बिहार, बंगाल, दिल्ली, उड़ीसा छत्तीसगढ़ आदि गुजरती है. हर दिन सैकड़ों यात्री आना जाना करते हैं. यात्री शेड नहीं होने के कारण यात्रियों को सर्दी, गर्मी व बरसात में खुले आसामान में इंतजार करना पड़ता है. बताते चलें कि नगर पंचायत की कुल जनसंख्या 28450 है. जो एनएच 98 पर स्थित छतरपुर में तीन वर्ष पूर्व फोरलेन हाइवे का निर्माण किया गया है. जिस वजह से गाड़ियों का आवागमन और बढ़ गया है. वहीं मुख्य पथ पर बस खड़ी रहती है

निर्माण के बाद भी चालू नहीं हो सका बस पड़ाव

यातायात व वाहनों का परिचालन को व्यवस्थित रूप से संचालन के लिए प्रखंड का एक मात्र निर्मित बस पड़ाव में वाहनों का ठहराव नहीं हो सका है. निर्माण के चार साल बाद भी इसे शुरू नहीं किया जा सका है. इस कारण यात्रियों का ठहराव किसी निश्चित जगह पर नहीं होता है. मोहम्मदगंज प्रखंड क्षेत्र से छतीसगढ़ , बिहार, गढ़वा व पलामू जिला मुख्यालय के लिए दर्जनों बसों व छोटे वाहनों का आगमन होता है. छोटे वाहनों में कमांडर, टेंपो व अन्य वाहन शामिल हैं. वाहन के पड़ाव पर वाहनों का ठहराव नहीं होने से यात्रियों को ठहरने का कोई निश्चित ठिकाना नहीं है.

हरिहरगंज : सफाई के अभाव में यात्री नहीं ठहर पाते

हरिहरगंज न्यू बस स्टैंड पर यात्रियों की सुविधा के लिए बना यात्री शेड साफ-सफाई के अभाव में बदहाल स्थिति में है. शेड में गंदगी के कारण यात्री वहां ठहर नहीं पाते हैं. मजबूरी में यात्रियों को खुले में खड़ा होकर बस का इंतजार करना पड़ता है, जिससे खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से यात्री शेड की नियमित सफाई कराने की मांग की है.

पांडू : नहीं है बस पड़ाव, मुख्य सड़क पर खड़ी होती हैं गाड़ियां

पांडू मुख्यालय में कोई भी बस पड़ाव नहीं है. पांडू से चलने वाली सभी बड़ी – छोटी गाड़ियां मुख्य सड़क पर ही खड़ी रहती हैं.जिससे मुख्य सड़क में जाम की भी समस्या बनी रहती है.बस पड़ाव होने से जाम की समस्या से निजात मिल सकती थी वहीं यात्रियों को भी काफी सुविधा होती.पूर्व में बाजार मुख्यालय में बने यात्री शेड गिर गया है, उसके बाद से कोई यात्री शेड का निर्माण नहीं हो सका है.

पांकी : 30 वर्ष पहले बना यात्री शेड हो गया है जर्जर

पांकी मुख्यालय के हृदय स्थल कर्पूरी ठाकुर चौक से प्रतिदिन दर्जनों बसें पांकी से मेदनीनगर, रांची, बनारस, गया, डोभी, चतरा सहित छोटे-बड़े प्रखंडों के लिए खुलती हैं.बावजूद इसके, इस व्यस्ततम चौक पर यात्रियों के लिए सुविधाजनक यात्री शेड की व्यवस्था नहीं है. करीब 30 वर्ष पूर्व बना यात्री शेड बनाया गया था जो अब पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है. छत और दीवारें क्षतिग्रस्त हैं, जिससे कभी भी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.यही कारण है कि यात्री डर के कारण प्रतीक्षालय में बैठने से कतराते हैं और धूप, बारिश व ठंड में खुले आसमान के नीचे बसों का इंतजार करने को मजबूर हैं.

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By Akarsh aniket

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