सतबरवा के जामा व ताहा मस्जिद नमाजियों ने तरावीह की नमाज पढ़ी

स्थानीय जामा व ताहा मस्जिद में रविवार की रात तरावीह की नमाज मुकम्मल हुई

फोटो:17डालपीएच 03

प्रतिनिधि, सतबरवा

स्थानीय जामा व ताहा मस्जिद में रविवार की रात तरावीह की नमाज मुकम्मल हुई. रमजान के चांद दिखने के बाद तरावीह शुरू हुआ था. 15 दिनों में नमाजियों ने मस्जिद में तरावीह की नमाज पूरा किया. नमाज खत्म होने के बाद नमाजियों के बीच शिरनी बांटी गयी. जामा मस्जिद के इमाम तौफीक आलम मिस्बाही ने बताया कि रमजान माह में रोजा रखना चाहिये. उसकी काफी अहमियत है. सबों को यह प्रयास करना चाहिये कि एक भी रोजा न छूटे. तरावीह का नमाज पढ़ने से सवाब मिलता है. तरावीह की नमाज़ महिला व पुरुष दोनों के लिए जरूरी है. जो नमाज अदा करते हैं उनको पूरा कुरान पढ़ने का सवाब मिलता है. मौलाना मिस्बाही ने माह-ए-रमजान और नमाजे तरावीह की अहमियत पर रोशनी डालते हुए कहा कि अल्लाह रमजान में अपने बंदों काे काफी बरकत देते हैं. अल्लाह के हुक्म का सम्मान करें. यह महीना मोमिनों के लिए अल्लाह का सबसे कीमती तोहफा है. नमाजियों ने पेश इमाम को माला पहनाकर व गले मिलकर आभार जताया. नमाजियों ने देश में अमन चैन की दुआ मांगी. अल हुसैन कमेटी ने मस्जिद के पेश इमाम तौफीक आलम मिस्बाही व ताहा मस्जिद के हाफिज फैजान रजा को उपहार से नवाजा. मौके पर जामा मस्जिद के सदर नौशाद आलम, सेक्रेटरी सरफराज आलम, खजांची मोहम्मद अताउल्लाह, बाबू खान, एजाज खलीफा, मोहम्मद सैफुल्लाह, मोहम्मद अदनान अशरफ, शाहनवाज खान, समीर आलम, मोहम्मद अनीस , मोहम्मद मुजफ्फर, सकलैन, तैमूर, मोहम्मद लाडला, सुफियान, तासीफ, ताहा, हसनैन, तमसीर सहित कई लोग मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Vikash nath

26 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. रिपोर्टिंग के साथ डेस्क का काम करने भी अनुभव प्राप्त है. खेल डेस्क में भी काम करने का अनुभव है. रुरल के संस्करणों को देखता हूं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >