प्रतिनिधि, सतबरवा
सतबरवा प्रखंड के पांच पंचायतों के 29 गांवों में पेयजल संकट अब भी बरकरार है. 29 करोड़ 35 लाख रुपये की लागत से बनी बकोरिया जलापूर्ति योजना के तहत सड़कें काटकर पाइपलाइन बिछायी गयीं, लेकिन आज तक एक बूंद पानी भी ग्रामीणों को नसीब नहीं हुआ. ग्रामीणों की यह त्रासदी अब जनप्रतिनिधियों के संज्ञान में आने लगी है.
अर्जुन मुंडा से की गयी शिकायत
पलामू आगमन के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा को ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस योजना की विफलता से अवगत कराया. उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लिया और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव से वार्ता कर हस्तक्षेप का आश्वासन दिया. करोड़ों खर्च, फिर भी योजना अधूरीयोजना की कुल लागत: ₹29.35 करोड़
अब तक खर्च: ₹28.24 करोड़
बावजूद इसके, एक भी गांव को पानी नहीं मिल रहा
योजना के तहत लाभान्वित होने वाले पंचायत: पांच
गांवों की संख्या: 29
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
