शिक्षण, अनुसंधान व विकास है प्राथमिकता : वीसी

शिक्षण, अनुसंधान व विकास है प्राथमिकता : वीसी

प्रतिनिधि, मेदिनीनगर नीलांबर- पीतांबर विश्वविद्यालय का जीएलए कॉलेज के ऑडिटोरियम में शनिवार को 17वां स्थापना दिवस मनाया गया. इसका उद्घाटन मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त प्रोफेसर केके मिश्रा, वीसी दिनेश कुमार सिंह, रजिस्ट्रार डॉ नफीस अहमद व डीएसडब्ल्यू डॉ एसके पांडेय ने संयुक्त रूप से किया. स्थापना दिवस को युवा महोत्सव के रूप में मनाया गया. युवा महोत्सव में विजेता प्रतिभागियों व सेवानिवृत्त शिक्षक व कर्मचारियों को सम्मानित किया गया. कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ भावना सिंह व डॉ संजय बाड़ा ने संयुक्त रूप से किया. विश्वविद्यालय का कुलगीत जीएलए कॉलेज के बीएड विभाग ने प्रस्तुत किया. मुख्य अतिथियों का सम्मान डॉ संगीता कुजूर ने शॉल, विश्वविद्यालय का प्रतीक चिन्ह व पौधा भेंट कर किया. मुख्य अतिथि डॉ केके मिश्रा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य असत्य से सत्य और अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ना है. एनपीयू को सधे कदम से चलने की जरूरत है.

पलामू की धरती शहीदों और क्रांतिकारियों की भूमि रही है. नीलांबर–पीतांबर महान देशभक्त व क्रांतिकारी थे. जिनके संघर्ष और बलिदान को सदैव स्मरण रखा जायेगा. उन्होंने विश्वविद्यालय की गरिमा बनाये रखने के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि यहां के प्रत्येक विद्यार्थी विवेकानंद बनने की क्षमता रखते है. विश्वविद्यालय को सकारात्मक सोच के साथ आगे ले जाने की जरूरत है. कुलपति डॉ दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय को सुदृढ़ बनाने के लिए शिक्षण, अनुसंधान एवं प्रशासन तीनों स्तरों पर निरंतर प्रयास किया जा रहा हैं. जीएलए कॉलेज में सेंट्रल लैब्रोटरी बनाया जायेगा. सेशन के गैप को ठीक किया जायेगा. कहा कि बहुत जल्द सत्र को पूरी तरह नियमित किया जायेगा. अनुसंधान के लिए आधारभूत संरचना विकसित करने तथा व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में कार्य हो रहा है. उन्होंने मॉडल डिग्री कॉलेजों में टॉपर व गोल्ड मेडलिस्ट विद्यार्थियों को अवसर देने की भी बात कही. कुलसचिव डॉ नफीस अहमद ने कहा कि अल्प समय में ही एनपीयू 50 महाविद्यालयों के साथ एक वृहद विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित हो चुका है. नये डिग्री कॉलेजों में नामांकन प्रक्रिया को और तेज की जायेगी.

विद्यार्थियों को व्यावसायिक पाठ्यक्रमों से जोड़ा जा रहा है. नौ टॉपर विद्यार्थियों को नये डिग्री कॉलेजों में पदस्थापित किया गया है. गोल्ड मेडलिस्ट विद्यार्थियों को अवसर देने को लेकर सूची जारी की गयी है. कहा कि यूजीसी मानकों के अनुरूप कार्य, नये कॉलेजों में सोलर ऊर्जा की पहल तथा विश्वविद्यालय अंतर्गत विभिन्न कॉलेजों की प्रगति की जानकारी दी. कहा कि विद्यार्थियों का समग्र विकास ही प्राथमिकता है. शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण एवं राष्ट्र निर्माण करना है. उन्होंने छात्रहित को सर्वोपरि बताते हुए सत्र को नियमित करने, समय पर नामांकन, परीक्षा एवं परिणाम देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी तथा पीजी फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा फरवरी में कराने की बात कही. कार्यक्रम के दौरान तीन पुस्तकों का लोकार्पण किया गया. साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुतियां हुई. प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरण किया गया. मौके पर एनपीयू के डीएसडब्ल्यू डॉ. एसके पांडेय, सीसीडीसी डॉ मनोरमा सिंह सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, विश्वविद्यालय के शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे.

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By Akarsh aniket

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