पलामू में 43 शिक्षकों को सम्मान, डीसी ने लॉन्च किया ‘पलामू पाठशाला’ यूट्यूब चैनल

शिक्षक दिवस पर पलामू डीसी ने 43 शिक्षकों को सम्मानित किया और शिक्षा के लिए 'पलामू पाठशाला' यूट्यूब चैनल का शुभारंभ किया। जानें पूरी खबर।

शिक्षक सम्मान समारोह में डीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत बोले- बच्चों का भविष्य संवारना शिक्षकों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी, डिजिटल माध्यम से दूर होगी शिक्षकों की कमी

मेदिनीनगर, पलामू : पलामू प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति टाउन हॉल में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. समारोह में पलामू उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले के 43 शिक्षकों को सम्मानित किया. इस दौरान उन्होंने ‘पलामू पाठशाला’ यूट्यूब चैनल का भी शुभारंभ किया.

समारोह की शुरुआत उपायुक्त, उप विकास आयुक्त सादात अनवर, सहायक समाहर्ता ऋत्विक मेहता समेत अन्य पदाधिकारियों ने पूर्व राष्ट्रपति व महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की. इसके बाद दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत उद्घाटन किया गया.

बच्चों का भविष्य संवारना शिक्षकों की जिम्मेदारी

उपायुक्त ने कहा कि शिक्षक बच्चों के भविष्य के निर्माता हैं. किसी सड़क या भवन के क्षतिग्रस्त होने पर उसे दोबारा बनाया जा सकता है, लेकिन किसी बच्चे का भविष्य खराब हो जाए तो उसकी भरपाई संभव नहीं है. इसलिए बच्चों को बेहतर शिक्षा और सही दिशा देने की जिम्मेदारी शिक्षकों के कंधों पर है.

उन्होंने अपने जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शिक्षकों को भी याद किया. उपायुक्त ने अपने गुरु कमलेश पटेल और केमिस्ट्री शिक्षक किशोर परमार का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन से उन्हें 12वीं बोर्ड परीक्षा में केमिस्ट्री में 93 अंक मिले. यूपीएससी की तैयारी के दौरान शिक्षक रहे स्व. पी. रवीन्द्रनाथ को भी उन्होंने श्रद्धापूर्वक याद किया.

डिजिटल माध्यम से दूर होगी शिक्षकों की कमी

उपायुक्त ने कहा कि किसी जिले की वास्तविक ताकत उसका मानव संसाधन होता है. पलामू में मानव संसाधन के विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. इसी उद्देश्य से ‘पलामू पाठशाला’ की शुरुआत की गयी है.

उन्होंने बताया कि चैनल पर जिले के बेहतर शिक्षक विभिन्न विषयों के लेक्चर रिकॉर्ड कर अपलोड करेंगे. इससे विद्यार्थियों को विषयवार गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध होगी. जिन क्षेत्रों में विषयवार शिक्षकों की कमी है, वहां डिजिटल माध्यम से इस शैक्षणिक अंतर को कम करने में मदद मिलेगी. एक शिक्षक की विशेषज्ञता का लाभ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों तक पहुंचाया जा सकेगा.

शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनने की अपील

उपायुक्त ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने वाले नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व, सोच और भविष्य का निर्माण करने वाले होते हैं. इसलिए शिक्षकों को अपने दायित्व को सेवा और राष्ट्र निर्माण के अवसर के रूप में लेना चाहिए.

समारोह में जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, क्षेत्रीय शिक्षा पदाधिकारी, शिक्षक संघ के प्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के पदाधिकारी समेत बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद थे. सम्मानित शिक्षकों ने जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया.

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By Chandra shekhar singh

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