बिना लाइसेंस के केंद्र चलानेवालों पर कार्रवाई करें : डीसी

मेदिनीनगर बैठक में पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत जिले में चल रहे कार्यों की गहन समीक्षा की गयी.

प्रतिनिधि, मेदिनीनगर मेदिनीनगर बैठक में पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत जिले में चल रहे कार्यों की गहन समीक्षा की गयी. डीसी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले में बिना रजिस्ट्रेशन कोई भी अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित नहीं होना चाहिए. अवैध रूप से संचालित केंद्रों पर तत्काल छापामारी कर सील करते हुए प्राथमिकी दर्ज करें. डीसी ने कहा कि लिंग परीक्षण कानूनन अपराध है. इसे हर हाल में रोका जाना चाहिए. उन्होंने पीसीपीएनडीटी टीम को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण कर केंद्रों की जांच करें और किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर तत्काल कार्रवाई करें. बैठक में ये रहे मौजूद सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार श्रीवास्तव, डीपीएम प्रदीप कुमार, डॉ नीलम होरो, सदस्य इंदुलेखा भगत समेत सलाहकार समिति के अन्य सदस्य भी मौजूद थे. बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के पोस्टर सभी केंद्रों पर लगायें डीसी ने कहा कि भ्रूण हत्या रोकना समाज की नैतिक जिम्मेदारी है, और इसके लिए आम लोगों में जागरूकता जरूरी है। उन्होंने सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों में “लिंग परीक्षण अपराध है और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे जागरूकता संबंधी स्लोगन वाले पोस्टर लगाने के निर्देश दिये. तीन केंद्रों के लाइसेंस नवीनीकरण को मिली मंजूरी बैठक में रूद्र इमेजिंग एंड डायग्नोस्टिक सेंटर, दिव्या अल्ट्रासाउंड तथा बंशीधर अल्ट्रासाउंड सेंटर के पंजीयन नवीनीकरण की स्वीकृति दी गयी। सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सभी केंद्रों की आवश्यक जांच पूरी कर ली गयी है और जांच रिपोर्ट संतोषजनक पायी गयी है. पुराने केंद्रों को सील करने का निर्देश बैठक में तृप्ति अल्ट्रासाउंड, प्रकाश चंद्र जैन सेवासदन व राज डायग्नोस्टिक सेंटर ने मशीन परिवर्तन की सूचना दी गयी. इस पर डीसी ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि पुरानी मशीन सील करने के बाद ही नई मशीन के लिए लाइसेंस जारी किया जाये. साथ ही लक्ष्मी चंद्रवंशी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल और राजमती चिकित्सा केंद्र के नवीनीकरण आवेदन को भी स्वीकृति दी गयी. दो से अधिक केंद्रों में कार्यरत चिकित्सक को नोटिस मिलेगा बैठक के दौरान यह मुद्दा भी सामने आया कि एक चिकित्सक जिले के दो से अधिक अल्ट्रासाउंड केंद्रों में कार्यरत हैं. डीसी ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह पीसीपीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन है. ऐसे चिकित्सकों को शोकॉज नोटिस जारी किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: DEEPAK

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >