मोहम्मदगंज. त्वरित इलाज व पति सोनू ठाकुर की जागरूकता से पत्नी सुमित्रा (28) की जान बची. सोमवार को सुमित्रा जब बाल संवारने के लिए घर में लगे शीशे के पास रखी कंघी उठाने के लिए हाथ बढ़ाया, तभी शीशे के पीछे छुपा करैत सांप उसके हाथ में लिपट गया. अचानक हुई इस जानलेवा परेशानी से डरी सुमित्रा ने हाथ से सांप को किसी तरह अलग किया.
मौके पर पहुचे परिजनों ने बताया की हाथ में लिपटे विषधर के कारण सभी परेशान हो गये. ग्रामीणों ने सांप का विष उतारने के लिए झाड़-फूंक कराने की सलाह दी. इस सलाह नहीं मानते हुए सोनू ठाकुर तुरत अपनी पत्नी को हुसैनाबाद अनुमंडलीय अस्पताल ले गये. चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाज इलाज शुरू किया.
ब्लड का नमूना लिया. उसके बाद एक इंजेक्शन दिया. इंज्केशन लगने के बाद सुमित्रा की हालत तेजी से सामान्य हुई. चिकित्सकों ने बताया कि सांप का विष पूरी तरह से खून में प्रवेश नहीं किया था. घटना होने के बाद त्वरित अस्पताल पहुंचने व इलाज के बाद सुमित्रा को नया जीवन मिल गया.
सोनू ठाकुर भजनिया पंचायत के वार्ड नौ के सदस्य हैं. अपनी पंचायत के लोगों को जागरूक करते हुए कहा है कि सांप काटने के बाद झाड़-फूंक करवाना व इलाज में देर करना जानलेवा बन जाता है. उनकी पत्नी को भी लोग झाड़-फूंक कराने की सलाह देते रहे. जागरूकता का परिचय देते हुए सुमित्रा का इलाज कराने के लिए अस्पताल पहुचे. इलाज के बाद महिला को नया जीवन मिला. अब वह पूरी तरह स्वस्थ है.
