आरोग्य दूत शिक्षकों के साथ अपनी समस्याएं साझा कर सकेंगे विद्यार्थी

विद्यालय स्वास्थ्य आरोग्य दूतों का पांच दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण शुरू हुआ.

मेदिनीनगर. आयुष्मान भारत पहल के निर्देश पर विद्यालय स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम के तहत विद्यालय स्वास्थ्य आरोग्य दूतों का पांच दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण शुरू हुआ. मुख्य अतिथि प्राचार्या अमृता सिंह व प्रोग्राम ऑफिसर आकाश कुमार संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. सेंटर फाॅर कैटलाइजिंग चेंज के तकनीकी सहयोग से वर्ग 6 से 12 वर्ग तक के विद्यालयों से चयनित दो-दो शिक्षकों को विद्यालय आरोग्य दूतों के रूप में पांच दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं. प्रशिक्षण में शिक्षकों को जानकारी दी जा रही है कि वे किशोर-किशोरियों को उनके शारीरिक, मानसिक, सामाजिक व जीवन कौशल संबंधी जानकारी देकर उन्हें सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर सकें. प्राचार्या अमृता सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम आयुष्मान भारत पहल के तहत भारत सरकार व राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजना है. प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को विद्यालय आरोग्य दूत के रूप में तैयार करना है, ताकि वे अपने शिक्षण शैली में जीवन कौशल संबंधी जानकारी जैसी विभिन्न गतिविधियों के सहारे विद्यार्थियों को सहज तरीके से दे सकें. कार्यक्रम में डायट प्रभारी प्राचार्य डॉ धीरेंद्र सिंह, हसन रजा, जितेंद्र कुमार तिवारी, मृत्युंजय कुमार, मो शाहिद अनवर उपस्थित थे. प्रशिक्षक के रूप में जया रानी, डा मंजू, मेहनाज, देवेंद्र मिंज, सतेंद्र विश्वकर्मा, संजय, यशीन, महताब आलम, दिनेश विश्वकर्मा, प्रणव, गीरेंद्र महतो, अभय द्विवेदी प्रशिक्षक के रूप में मौजूद थे. कार्यक्रम का संचालन डायट के संकाय सदस्य जितेंद्र तिवारी ने किया.

आरोग्य दूत व विद्यार्थी के बीच बनेगा बेहतर संबंध

प्रोग्राम ऑफिसर आकाश कुमार ने कहा कि विद्यालय स्वास्थ्य व कल्याण कार्यक्रम के प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को विद्यालय आरोग्य दूत के रूप में तैयार करना है. मेंटर जया रानी ने विद्यालय स्वास्थ्य कल्याण कार्यक्रम के विषय में आरोग्य दूत को जानकारी दी. राज्य साधन सेवी व जिला साधन सेवी ने कार्यक्रम के दूरगामी लक्ष्य के बारे में बताया. विद्यालय में एक ऐसा महौल तैयार करना है. जहां विद्यार्थियों एवं आरोग्य दूतों के बीच स्वस्थ संबंध बनाया जा सके. विद्यार्थी अपने जीवन से जुड़ी सभी प्रकार की समस्याओं को अपने आरोग्य दूतों, शिकायत व सुझाव पेटी के माध्यम से निर्भीक होकर साझा कर सकें.

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Published by: Satyaprakash pathak

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