संघर्ष से सीमा तक फैली वीरता की कहानी

भारतीय सेना दिवस पर विशेष

भारतीय सेना दिवस पर विशेष प्रभात खबर टीम,मेदिनीनगर पांडू प्रखंड के डाला खुर्द निवासी सेवा निवृत्त इंडियन एयरफोर्स कर्मी लालजी सिंह ने 15 वर्षों तक देश की सेवा की. उन्होंने बताया कि संपन्न परिवार से होने के बावजूद बचपन से ही एयरफोर्स में जाने का सपना देखा. जहाजों को उड़ते देखने का जुनून इतना था कि सपनों में भी विमान नजर आते थे. 1968 में डालटनगंज के परिसदन भवन में हुई एयरफोर्स की बहाली में उनका चयन हुआ. जनवरी 1969 में उन्होंने इंडियन एयरफोर्स ज्वाइन की और जनवरी 1984 तक देश की सेवा की. उन्होंने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भी सक्रिय भूमिका निभायी. उस दौरान उनकी यूनिट राजस्थान के फाजिल्का बॉर्डर के समीप तैनात थी. भारत की विजय के साक्षी रहे लालजी सिंह ने उस दौर को गर्व के साथ याद किया. उन्होंने कहा कि हम सभी भारत माता के सपूत हैं और देश की तीनों सेनाएं पूरी निष्ठा के साथ राष्ट्र की रक्षा कर रही हैं. देश की सेवा में अलग ही जुनून और जज्बा होता है. चुनौतियां जरूर आती हैं, लेकिन उन्हें सहजता से पार कर लिया जाता है. सेवानिवृत्ति के बाद गांव लौटकर उन्होंने युवाओं और ग्रामीणों को संगठित रहने और समाज के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित किया. उनका मानना है कि अनुशासन और एकता ही मजबूत राष्ट्र की पहचान है.

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By Akarsh aniket

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