प्रतिनिधि : मेदिनीनगर विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को मेदिनीनगर के डॉ. आंबेडकर पार्क में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस वर्ष की थीम प्रकृति से प्रेरित जलवायु: हमारे भविष्य के लिए रही. कार्यक्रम का उदघाटन वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, सांसद वीडी राम, उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. दिनेश कुमार सिंह और मेयर अरूणा शंकर ने संयुक्त रूप से किया. मुख्य अतिथि वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने अपने संबोधन में वैश्विक नीतियों और स्थानीय रवैये पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के निर्देश पर हर वर्ष पांच जून को यह दिवस मनाया जाता है, लेकिन अमेरिका जैसे बड़े प्रदूषक देश वैश्विक मंचों पर दोहरा चरित्र दिखाते हैं. एक ओर मिसाइलें और दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना बेमानी है. उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि भारत में राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस घोषित किया जाये, ताकि देश अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार इसे मना सके. मंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल एक दिन पौधरोपण से पर्यावरण नहीं बचेगा. इसके लिए मौजूदा जंगलों और पहाड़ों को बचाने के लिए ठोस डेटा और निरंतर प्रयास जरूरी हैं. उन्होंने अनियंत्रित खनन को मौसम चक्र बिगड़ने का मुख्य कारण बताया और अधिकारियों को चेतावनी दी कि दिखावे वाले आयोजन बंद कर धरातल पर पूरे वर्ष काम करें, अन्यथा आने वाले समय में गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे. माताओं के सम्मान में एक-एक पौधा लगायें व उसकी देखभाल करें : सांसद सांसद वीडी राम ने एक पेड़ मां के नाम अभियान की सराहना की. उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम है, बल्कि समाज को भावनात्मक रूप से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास भी है. उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी माताओं के सम्मान में एक-एक पौधा लगाएँ और उसकी देखभाल करें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं हरित वातावरण मिल सके. उपायुक्त शेखावत ने वन विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जिला प्रशासन पर्यावरण संरक्षण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है. उन्होंने विभागीय समन्वय, जनसहभागिता और नवाचार को पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान की कुंजी बताया. महापौर, कुलपति और अन्य अधिकारियों ने भी युवाओं की भूमिका, प्लास्टिक मुक्त अभियान और स्वच्छता पर बल दिया. पर्यावरण संरक्षण नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी है वन पदाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी है. उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21, 51ए और 48ए का उल्लेख कर नागरिकों को जागरूक किया. कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने नारे, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और जागरूकता संदेश दिए. समापन उत्तर कोयल नदी के तट पर स्वच्छता अभियान से हुआ. सांसद, विधायक पांच-पांच लाखे दें, ताकि नावाटोली पार्क बच सके कार्यक्रम के बाद वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मेदिनीनगर के नावाटोली पार्क की बदहाली पर गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि कभी शहर की शान रहा यह पार्क आज सबसे प्रदूषित जगह बन चुका है. इसके सौंदर्यीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए ठोस और त्वरित पहल की आवश्यकता है. उन्होंने सुझाव दिया कि प्रशासन डीएमएफटी फंड से तालाब की सफाई करायें. यदि धन की कमी हो, तो जिले के सभी सांसद और विधायक अपनी निधि से पांच-पांच लाख रुपये का योगदान दें. सामूहिक प्रयासों से ही नावाटोली पार्क को फिर से स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है.
पर्यावरण को बचाने के लिए ठोस डेटा और निरंतर प्रयास जरूरी
पर्यावरण को बचाने के लिए ठोस डेटा और निरंतर प्रयास जरूरी
