हैदरनगर: सर्पदंश पर लापरवाही पड़ सकती है भारी, समय पर इलाज जरूरी

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैदरनगर में सर्पदंश से बचाव पर जागरूकता कार्यक्रम हुआ. विशेषज्ञों ने बताया कि सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक के बजाय तत्काल चिकित्सा सहायता लेना जान बचा सकता है.

हैदरनगर. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैदरनगर में शनिवार को सर्पदंश से बचाव को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ज्योतिष कुमार ने ग्रामीणों को बताया कि बरसात के मौसम में सर्पदंश का खतरा बढ़ जाता है. उन्होंने कहा कि सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक के चक्कर में पड़कर समय बर्बाद नहीं करना चाहिए, बल्कि पीड़ित को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाना चाहिए. समय पर इलाज मिलने से सर्पदंश के शिकार व्यक्ति की जान बचायी जा सकती है.

पीड़ित को शांत रखें, दौड़ने न दें

डॉ. ज्योतिष कुमार ने बताया कि सर्पदंश के बाद काटे हुए स्थान को साबुन और पानी से धोना चाहिए. मरीज को अधिक दौड़ने या भागने नहीं देना चाहिए. उसे शांत रखें और सावधानीपूर्वक एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाएं. उन्होंने कहा कि काटे हुए स्थान पर रस्सी से कसकर बांधना, दबाना या छेड़छाड़ करना नुकसानदायक हो सकता है.

उन्होंने बताया कि फिल्मी तरीके से मुंह से विष चूसने या काटने का प्रयास नहीं करना चाहिए. इससे परेशानी बढ़ सकती है. पीड़ित को अधिक घबराने नहीं दें और उसे भरोसा दिलायें. जल्द से जल्द स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाकर एंटी वेनम का उपचार कराया जाना चाहिए.

रात में अकेला न छोड़ें

डॉ. ज्योतिष कुमार ने कहा कि सर्पदंश के बाद पीड़ित को खड़ा नहीं होने देना चाहिए और उसे अकेला नहीं छोड़ना चाहिए. उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि सर्पदंश की स्थिति में घरेलू उपचार या झाड़-फूंक के बजाय तत्काल चिकित्सकीय सहायता लें.

मौके पर डॉ. राकेश रंजन, एमपीडब्ल्यू बिमलेश कुमार, राजेश कुमार, लैब टेक्नीशियन शकील अख्तर, बसंत कुमार, एएनएम प्रभावती कुमारी, विद्यावती कुमारी सहित कई स्वास्थ्यकर्मी और ग्रामीण उपस्थित थे.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >