सरहुल आदिवासी संस्कृति से जुड़ा पर्व है : प्रमोद उरांव

शाहपुर के बिरसा नगर में अद्दि कुडूख सरना समाज ने महोत्सव किया

शाहपुर के बिरसा नगर में अद्दि कुडूख सरना समाज ने महोत्सव किया प्रतिनिधि, चैनपुर शाहपुर के बिरसा नगर में अद्दि कुडूख सरना समाज के तत्वावधान में सरहुल पूजा महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त प्रमोद उरांव, सहायक अभियंता प्रमोद उरांव, शाहपुर जेनरल के अध्यक्ष मुकेश जायसवाल, एसएलए स्कूल के निदेशक मुकेश अग्रवाल सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया. मंच संचालन सरना समाज के संयोजक सह वरीय शिक्षक श्यामलाल उरांव ने किया. अतिथियों को पगड़ी बांधकर सम्मानित किया गया. मुख्य अतिथि श्री उरांव ने कहा कि सरहुल पर्व प्रकृति से जुड़ा हुआ है और जल, जंगल, जमीन के संरक्षण का संदेश देता है. यह केवल पर्व नहीं बल्कि सांस्कृतिक विरासत है. उन्होंने इसे जनजातीय समाज की विशिष्ट सभ्यता और संस्कृति का प्रतीक बताया. सरहुल पर्यावरण सुरक्षा और सजगता का पर्व है. सहायक अभियंता श्री उरांव ने कहा कि सरहुल पर्यावरण सुरक्षा और सजगता का पर्व है. सरहूल के साथ नववर्ष की शुरुआत भी होती है. सरना समाज के संरक्षक श्यामलाल उरांव ने कहा कि प्रत्येक प्राणी को प्रकृति की विधि के अनुसार कार्य करना चाहिए. सरना स्थल पर सखुआ की डालियों से विधिवत पूजा-अर्चना की गयी. चैनपुर प्रखंड के विभिन्न गांवों से आये सैकड़ों महिला-पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने लोगों का मन मोह लिया. विरसानगर सरना स्थल से कार्यक्रम समापन के बाद जुलूस निकाला गया, जिसमें लोग जय धर्मेश का नारे लगाते हुए शाहपुर विवेकानंद चौक से होते हुए मेदिनीनगर जिला स्कूल तक पहुंचे. इस अवसर पर सहेंद्र जायसवाल, धीरन भगत, राकेश पाठक, अरुण भगत, शेखर सिंह, धर्मेंद्र जायसवाल, गुलाबचंद उरांव, कुड्डू भगत, अंजनी सिन्हा, राजकुमार उजाला, राकेश परहिया, प्रभु राम, राजन बाखला, सतीश कुमार उरांव सहित अनेक लोग उपस्थित रहे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >