एनओसी नहीं मिलने से चार किलोमीटर एनएच सड़क का कार्य रुका

पलामू प्रमंडल में पिछले 70 दिन से कमिश्नर का पद खाली है. पूर्व कमिश्नर बाल किशुन मुंडा 31 जनवरी 2025 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं.

25 एकड़ तक जमीन का एनओसी जिले के डीसी के द्वारा दिया जाना है. लेकिन 25 एकड़ से अधिक जमीन रहने पर एनओसी कमिश्नर के द्वारा दिये जाने का प्रावधान है. फोटो:11डालपीएच 05 शिवेंद्र कुमार, मेदिनीनगर पलामू प्रमंडल में पिछले 70 दिन से कमिश्नर का पद खाली है. पूर्व कमिश्नर बाल किशुन मुंडा 31 जनवरी 2025 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं. लेकिन राज्य सरकार के द्वारा कमिश्नर की पोस्टिंग नहीं की गयी है. जिसके कारण विकास का कार्य प्रभावित हो रहा है. जिले में नेशनल हाइवे का काम चल रहा है. लेकिन सदर प्रखंड के चियांकी से आगे चार किलोमीटर का काम रुका हुआ है. चार किलोमीटर में 50 एकड़ से ऊपर जमीन के लिए एनओसी लिया जाना है. नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है. नियम के अनुसार 25 एकड़ तक जमीन का एनओसी जिले के डीसी के द्वारा दिया जाना है. लेकिन 25 एकड़ से अधिक जमीन रहने पर एनओसी कमिश्नर के द्वारा दिये जाने का प्रावधान है. जानकारी के अनुसार भारत सरकार के द्वारा नेशनल हाइवे के निर्माण के लिए मुआवजा के लिए 101 करोड़ रुपये जिले को दिया गया था. जिसमें 77 करोड़ के मुआवजा का वितरण किया जा चुका है. इतना ही नहीं जमीन संबंधित मामले की सुनवाई भी नहीं हो पा रही है. जिससे कई लोगों को लौटना पड़ रहा है. 33 सालों में 47 कमिश्नर की हो चुकी है पोस्टिंग पलामू प्रमंडल के स्थापना के बाद सबसे पहले कमिश्नर के रूप में एमके मंडल ने तीन मई 1992 को योगदान दिया था. मालूम हो कि सबसे अधिक केके खंडेलवाल चार बार पलामू प्रमंडल के कमिश्नर रह चुके हैं. शीला किस्कू रपाज व राजीव अरुण एक्का तीन बार पलामू के कमिश्नर रह चुके हैं. यूके संगमा, अरविंद कुमार सिन्हा, आरएस पोद्दार, एके पांडेय, सुरेंद्र सिंह व नंदकिशोर मिश्रा दो-दो बार कमिश्नर रह चुके हैं. 33 साल पहले पलामू को कमिश्नरी का दर्जा दिया गया था. पिछले 33 सालों में हैं यहां 47 कमिश्ननर की पोस्टिंग हो चुकी है. इसमें कितने कमिश्नर तो एक साल भी नहीं रह पाये हैं. वही सात बार यहां प्रभारी के भरोसे ही चला है. पलामू प्रमंडल के स्थापना के बाद सबसे पहले कमिश्नर के रूप में एमके मंडल 3.5 .1992 को योगदान दिया. ये 29.8 .1992 तक रहे.

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By Vikash nath

26 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. रिपोर्टिंग के साथ डेस्क का काम करने भी अनुभव प्राप्त है. खेल डेस्क में भी काम करने का अनुभव है. रुरल के संस्करणों को देखता हूं.

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