चीनी की जमाखोरी पर करारा प्रहार: पलामू के बैरिया बाजार में पांच बड़े ठिकानों पर छापा

पलामू में चीनी की बढ़ती कीमतों और जमाखोरी की शिकायतों के बीच जिला प्रशासन ने मंगलवार को बड़ा अभियान चलाते हुए बैरिया कृषि बाजार प्रांगण स्थित पांच बड़े थोक प्रतिष्ठानों पर औचक छापेमारी की. प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि बाजार में कृत्रिम किल्लत पैदा कर कीमतें बढ़ाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.


Raid In Palamu: पलामू में चीनी की बढ़ती कीमतों और जमाखोरी की शिकायतों के बीच जिला प्रशासन ने मंगलवार को बड़ा अभियान चलाते हुए बैरिया कृषि बाजार प्रांगण स्थित पांच बड़े थोक प्रतिष्ठानों पर औचक छापेमारी की. जिला आपूर्ति पदाधिकारी (डीएसओ) प्रमोद कुमार के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई के दौरान गोदामों में रखे चीनी के स्टॉक, दस्तावेजों और भंडारण व्यवस्था की गहन जांच की गयी. प्रशासन ने साफ कर दिया कि बाजार में कृत्रिम किल्लत पैदा कर कीमतें बढ़ाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.

चीनी की जमाखोरी की मिल रही थीं शिकायतें

हाल के दिनों में स्थानीय बाजार में चीनी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और जमाखोरी की शिकायतें सामने आ रही थीं. इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए खाद्य आपूर्ति विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़े थोक कारोबारियों के यहां औचक निरीक्षण किया. अधिकारियों ने गोदामों में उपलब्ध स्टॉक का मिलान रिकॉर्ड से किया और नियमों के पालन की जांच की.

कृत्रिम किल्लत पैदा करने वालों पर होगी कार्रवाई

निरीक्षण के बाद जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रमोद कुमार ने कहा कि चीनी की उपलब्धता और उसकी कीमतों पर जिला प्रशासन लगातार नजर रखे हुए है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कोई व्यापारी निर्धारित नियमों का उल्लंघन करता है, ओवररेटिंग करता है या जमाखोरी के जरिए बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि आम उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में चीनी उपलब्ध हो.

व्यापारियों को दिये गये सख्त निर्देश

छापेमारी के दौरान डीएसओ ने सभी थोक कारोबारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश भी दिये. उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यापारी को प्रतिदिन चीनी की आवक और बिक्री का सटीक रजिस्टर संधारित करना होगा, ताकि किसी भी समय स्टॉक का सत्यापन किया जा सके. इसके अलावा, केवल उन्हीं गोदामों में चीनी का भंडारण किया जा सकेगा, जिनकी जानकारी विभाग को दी गयी है और जो आधिकारिक एकरारनामा के तहत चिन्हित हैं. किसी भी अघोषित स्थान पर स्टॉक मिलने की स्थिति में उसे अवैध माना जायेगा.

सात दिन से अधिक नहीं रख सकेंगे स्टॉक

प्रशासन ने व्यापारियों के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है. अब कोई भी थोक व्यापारी किसी भी परिस्थिति में सात दिनों से अधिक अवधि तक चीनी का स्टॉक जमा करके नहीं रख सकेगा. इसका उद्देश्य बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने की संभावनाओं को रोकना है. साथ ही प्रत्येक गोदाम के बाहर एक डिस्प्ले बोर्ड लगाना अनिवार्य किया गया है, जिस पर प्रतिदिन उपलब्ध चीनी के स्टॉक की मात्रा अपडेट करनी होगी. अधिकारियों का कहना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और स्टॉक की निगरानी आसान होगी.

इन पांच बड़े प्रतिष्ठानों की हुई जांच

अभियान के दौरान प्रशासनिक टीम ने बैरिया बाजार प्रांगण स्थित कई प्रमुख थोक कारोबारियों के गोदामों की गहन जांच की. जिन प्रतिष्ठानों में निरीक्षण किया गया, उनमें मेसर्स गौरव ट्रेडिंग, मेसर्स हार्दिक इंटरप्राइजेज, मेसर्स सुनील गोस्वामी, मेसर्स एसबी सेल और डालटनगंज ट्रेडर्स शामिल हैं इन प्रतिष्ठानों में उपलब्ध स्टॉक, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और भंडारण व्यवस्था की जांच कर अधिकारियों ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये. हालांकि प्रशासन की ओर से तत्काल किसी बड़े स्टॉक जब्ती या अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी, लेकिन व्यापारियों को नियमों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी गयी है.

आगे भी जारी रहेगा अभियान

जिला प्रशासन ने संकेत दिया है कि यह कार्रवाई केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगी. आने वाले दिनों में भी थोक और खुदरा कारोबारियों के यहां औचक निरीक्षण जारी रहेगा. प्रशासन का कहना है कि बाजार में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है और जमाखोरी या कालाबाजारी के जरिए उपभोक्ताओं का शोषण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी.

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थोक कारोबारियों में मची खलबली

प्रशासन की इस कार्रवाई से बैरिया बाजार के थोक व्यापारियों में खलबली देखी गयी. अब सभी कारोबारियों को अपने स्टॉक, रिकॉर्ड और भंडारण व्यवस्था को नियमों के अनुरूप रखना होगा, क्योंकि खाद्य आपूर्ति विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि आवश्यक वस्तुओं के कारोबार में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता पर सख्त कार्रवाई तय है.

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By Chandra shekhar singh

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