प्रतिनिधि, मेदिनीनगर भाकपा माले के सक्रिय संगठन झारखंड ग्रामीण मजदूर सभा (झामस) ने शनिवार को पलामू में समाहरणालय के समक्ष रोषपूर्ण प्रदर्शन किया. विरोध मार्च रिक्सा पड़ाव से शुरू होकर गरीबों की जमीन पर कब्ज़ा, हत्या, उत्पीड़न और पुलिस-अपराधी गठजोड़ के खिलाफ नारेबाज़ी करते हुए धरना सभा में बदला. सभा में जिला सचिव रवीन्द्र भुइयां, झामस सचिव रामराज पासवान, सरफराज आलम, दिव्या भगत, नर्वदेश्वर सिंह, कमेश सिंह चेरो, शिवकुमार पासवान, बीरेन्द्र सिंह, संगीता देवी और ललन प्रजापति ने आम जनता की समस्याओं को उठाया और समाधान की मांग की.
नेताओं ने कहा कि पलामू में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है. गरीब परिवारों की जमीन हड़पने की कोशिश और जान से मारने की धमकियां आम हो गयी हैं. चैनपुर के रामपुर में जमीन विवाद को लेकर दबंगों ने अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें एक व्यक्ति की मौत और कई लोग घायल हुए. आरोप लगाया गया कि भूमि माफिया प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से आहर, तालाब, धार्मिक स्थल और सरकारी भूमि तक बेच रहे हैं. शिकायतों के बावजूद प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है.
सभा में यह भी कहा गया कि महंगाई और बेरोज़गारी के कारण युवा अपराध की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन इसे रोकने में गंभीर नहीं है. प्रदर्शन के बाद भाकपा माले और झामस का प्रतिनिधिमंडल डीसी को नौ सूत्री मांग पत्र सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की.