कैदियों को अधिकारों व कर्तव्यों की जानकारी जरूरी

स्वतंत्रता दिवस पर केंद्रीय कारा में लगा जेल अदालत

स्वतंत्रता दिवस पर केंद्रीय कारा में लगा जेल अदालत प्रतिनिधि, मेदिनीनगर झालसा के दिशा निर्देश व प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश दिवाकर पांडेय के निर्देश पर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शुक्रवार को केंद्रीय कारा में जेल अदालत व विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. मौके पर लीगल एड डिफेन्स काउंसिल के चीफ अमिताभ चन्द्र सिंह ने कैदियों को बंदी के रूप में प्राप्त अधिकारों एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार से प्रदत लाभ के संबंध में जानकारी दी. कहा कि कारा में निरुद्ध व्यक्ति बंदी आवेदन भेज कर मुफ्त वकील प्राप्त कर सकता है. कहा कि कैदियों को अपने मुकदमे की अधतन जानकारी होनी चाहिए. इसी उद्देश्य से काउंसिल से जुड़े अधिवक्ता प्रतिदिन जेल आते हैं. बंदियों को मुकदमे की जानकारी देते हैं. जो बंदी जेल से छूटते है, वे जेल से निकलने के बाद समाज की मुख्य धारा से जुड़ने का काम करें. कोई भी बंदी बिना अधिवक्ता के नहीं रहे. जो लोग अधिवक्ता रखने में सक्षम नहीं है. वे डालसा में आवेदन पीएलबी के माध्यम से भेजे उन्हें मुफ्त डिफेंस काउंसिल मुहैया कराया जायेगा. डिप्टी चीफ संतोष कुमार पांडेय ने कहा कि डालसा के द्वारा आर्थिक व सामाजिक रूप से कमजोर लोगों के लिए निःशुल्क विधिक सहायता मुहैया कराया जा रहा है. लोगों को लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम पर भरोसा रखने की जरूरत है. यह गरीब लोगों के लिए ही हैं. बड़े पैमाने पर लोगों को मुफ्त विधिक सहायता उपलब्ध कराया जा रहा है. इसका लाभ आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मिल रहा है. वीर विक्रम वक्स राय ने कहा कि किसी भी मामले में गिरफ्तार होने वाले आरोपी को यह अधिकार है कि गिरफ्तारी का कारण जान सकता है. अगर पुलिस द्वारा आरोपी को 24 घंटे से अधिक रखा जाता है. तो आरोपी संबंधित थाना के मजिस्ट्रेट के पास शिकायत कर सकता है. वकील के माध्यम से आवेदन न्यायालय में दे सकता है. जिले के सभी थाने व ओपी में लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता का नाम व मोबाइल उपलब्ध हैं. 15100 टोल फ्री नंबर पर भी कॉल कर आप कानूनी मशविरा ले सकते हैं. मौके पर असिस्टेंट पुष्कर राज ने पीड़ित प्रतिकर अधिनियम, लोक अदालत,राष्ट्र के लिए संचालित मध्यस्थता कार्यक्रम के बारे में भी जानकारी दी. धन्यवाद ज्ञापन एलएडीसी के असिस्टेंट उतम कुमार ने किया. मौके पर असिस्टेंट नीतू सिंह, जेल पीएलभी नीरज सिंह के अलावा सैकड़ों बंदी मौजूद थे.

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Author: DEEPAK

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