पलामू से चंद्रशेखर सिंह की रिपोर्ट
Prabhat Khabar Pratibha Samman: पलामू के पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति टाउन हॉल में मंगलवार को प्रभात खबर की ओर से प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. समारोह में जिले के सीबीएसई, आईसीएसई और जैक बोर्ड के 10वीं और 12वीं के करीब 600 मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभात खबर पलामू ब्यूरो के चंद्रशेखर सिंह ने की, जबकि संचालन वरीय शिक्षक अनुज कुमार सिंह ने किया. समारोह में शिक्षा, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.
कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. दिनेश कुमार सिंह उपस्थित थे. विशिष्ट अतिथियों में जिला शिक्षा पदाधिकारी सौरभ प्रकाश, मेदिनीनगर नगर निगम की मेयर अरुणा शंकर, रामचंद्र चंद्रवंशी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार झा, युवा नेता प्रशांत किशोर, झारखंड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रमंडलीय अध्यक्ष साइमन मैथ्यू एस्ले, सिस्टर सैबेंस्टीना और ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल के प्राचार्य सी. विजेश तिलक शामिल थे. अतिथियों ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे मेधावी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें भविष्य के लिए मार्गदर्शन दिया.
व्यक्तित्व विकास को शिक्षा जितना ही जरूरी बताया
मुख्य अतिथि डॉ दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास भी जीवन में सफलता के लिए बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच, बेहतर व्यवहार, प्रभावी संवाद और आत्मविश्वास व्यक्ति को व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में आगे बढ़ने में मदद करते हैं. उन्होंने कहा कि 10वीं और 12वीं की परीक्षा जीवन की शुरुआत है और यहीं से विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए. उन्होंने छात्रों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और अपने माता-पिता को भी विश्वास में लेकर करियर का चुनाव करने की सलाह दी. डॉ सिंह ने कहा कि पलामू में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और यहां के कई छात्रों ने नीट और जेईई जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है.
निरंतर प्रयास से मिलती है सफलता : डीईओ
जिला शिक्षा पदाधिकारी सौरभ प्रकाश ने कहा कि इस वर्ष मैट्रिक और इंटर परीक्षा में पलामू जिले का परिणाम काफी बेहतर रहा है. उन्होंने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की मेहनत, अभिभावकों के विश्वास और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है. उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी अपेक्षित सफलता प्राप्त नहीं कर सके हैं, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है. जीवन में असफलता अंतिम पड़ाव नहीं होती. अपनी कमियों का आकलन कर आगे बढ़ने वाले ही अंततः सफलता प्राप्त करते हैं.
मैट्रिक और इंटर के बाद असली संघर्ष : प्रशांत किशोर
युवा नेता प्रशांत किशोर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मैट्रिक और इंटर की परीक्षा पास करना महत्वपूर्ण है, लेकिन जीवन का असली संघर्ष इसके बाद शुरू होता है. उन्होंने कहा कि प्लस टू के बाद का समय विद्यार्थियों के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव होता है. उन्होंने छात्रों को अपनी रुचि के अनुसार लक्ष्य निर्धारित करने और अगले पांच से सात वर्षों की स्पष्ट योजना बनाने की सलाह दी. प्रशांत किशोर ने कहा कि केवल बड़े सपने देखने से काम नहीं चलता, बल्कि उन्हें हासिल करने के लिए मजबूत रणनीति और लगातार मेहनत की जरूरत होती है.
मेहनत करने वालों में ही निखरती है प्रतिभा : अरुणा शंकर
मेदिनीनगर नगर निगम की मेयर अरुणा शंकर ने कहा कि ज्ञान से बढ़कर कुछ नहीं है और प्रतिभा उसी व्यक्ति में निखरती है, जो मेहनत करता है. उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक गतिविधियों और प्रकृति से जुड़ाव बनाए रखने की सलाह दी. उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में प्रतिभा सम्मान समारोह के साथ काउंसलिंग की व्यवस्था भी होनी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को 10वीं और 12वीं के बाद करियर के विभिन्न विकल्पों की सही जानकारी मिल सके.
भीषण गर्मी के बावजूद उमड़ा विद्यार्थियों का उत्साह
समारोह की सबसे खास बात यह रही कि भीषण गर्मी और तेज धूप के बावजूद जिले के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक टाउन हॉल पहुंचे. बच्चों का उत्साह मौसम की कठिन परिस्थितियों पर भारी पड़ता नजर आया. पूरा सभागार विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से खचाखच भरा हुआ था. मेधावियों के सम्मान के दौरान तालियों की गूंज लगातार सुनाई देती रही.
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सम्मान पाकर खिल उठे विद्यार्थियों और अभिभावकों के चेहरे
सम्मानित विद्यार्थियों ने कहा कि यह पुरस्कार उनकी मेहनत और माता-पिता तथा शिक्षकों के सहयोग का परिणाम है. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों और अभिभावकों को दिया. जब मंच से मेधावी विद्यार्थियों के नाम पुकारे जा रहे थे, तब उनके माता-पिता के चेहरे पर गर्व और खुशी साफ दिखाई दे रही थी. कई विद्यार्थियों ने अपने माता-पिता के साथ मंच पर पहुंचकर मेडल और प्रशस्ति पत्र प्राप्त किया. प्रभात खबर के इस प्रतिभा सम्मान समारोह ने न केवल मेधावियों को सम्मानित किया, बल्कि उनके भीतर भविष्य में और बेहतर करने का नया आत्मविश्वास और ऊर्जा भी भर दी. आखिर मेहनत की पहचान जब सार्वजनिक रूप से होती है, तो मेडल सिर्फ गले में नहीं, बल्कि सपनों में भी चमकने लगता है.
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