सात सूत्री मांगों को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों ने दिया धरना

पंचायत में राशि नहीं भेजने से विकास ठप है : प्रमुख

पंचायत में राशि नहीं भेजने से विकास ठप है : प्रमुख नावाबाजार. त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि संघर्ष मोर्चा के बैनर तले सात सूत्री मांगों को लेकर नावाबाजार प्रखंड कार्यालय परिसर में पंचायत प्रतिनिधियों ने धरना दिया. पंचायत प्रतिनिधियों ने सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया. मौके पर प्रखंड प्रमुख विद्या देवी ने कहा कि पंचायती राज अधिनियम 1994 एक्ट के तहत पंचायत प्रतिनिधियों का हक व अधिकार का हनन राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है, जिसमें पंचायत का विकास बाधित हो रहा है. राज्य सरकार द्वारा 60 प्रतिशत वित्त आयोग की राशि रोकी गयी है. पंचायत का विकास कार्य की गति धीमी है, बरसात में नाली, गली, सड़क, सिंचाई, नलजल योजना का कार्य पंचायत में बाधित है. 15 वीं की राशि पंचायत को नहीं मिल रहा है. नावाबाजार जिला परिषद रीना देवी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के हक-अधिकार से राज्य सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है. जनप्रतिनिधि,वार्ड सदस्य, मुखिया ,पंचायत समिति सद्स्य, प्रमुख ,जिला परिषद सदस्य पांच वर्ष के कार्यकाल में चुनाव जीतकर आते हैं. पंचायत का विकास राशि के अभाव में विकास नहीं कर पाते हैं, जिसका दुष्प्रचार जनप्रतिनिधियों को भुगतना पड़ता है. सरकार द्वारा राज्य के 18 वर्ष से 50 वर्ष के आयु वाले महिलाओं को प्रत्येक महीना 2500 की राशि खाता में सीधी भेजी जा रही है, लेकिन पंचायत प्रतिनिधियों को अपमान किया जा रहा है. जिला परिषद सदस्य रीना देवी,प्रमुख विद्या देवी ,उप प्रमुख मीर खुर्शीद आलम ,उप मुखिया मिस्टर अंसारी ने प्रखंड के सहायक लिपिक सुधीर कुमार को सात सूत्री मांग पत्र सौंपा. त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों को केरल राज्य के तर्ज पर मानदेय, वार्ड सदस्य का प्रत्येक सरकारी योजना का लाभ,त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों को सामाजिक सुरक्षा के तहत स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा का लाभ सहित कई मांग शामिल है.

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Author: DEEPAK

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