पाटन से राम नरेश तिवारी की रिपोर्ट
पाटन. पलामू जिले के पाटन थाना क्षेत्र के सतौवा गांव निवासी 28 वर्षीय रामव्रत भुइयां पिछले 10 दिनों से लापता है. वह 11 सितंबर को गांव के ही अखिलेश भुइयां के साथ तमिलनाडु के मदुरै में मजदूरी करने के लिए घर से निकला था. इसके बाद से परिजनों का रामव्रत से संपर्क नहीं हो पाया है. मामले की सूचना परिजनों ने पाटन थाना को दी है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.
अखिलेश के अलग-अलग बयानों से बढ़ी उलझन
रामव्रत के साथ गये अखिलेश भुइयां के अलग-अलग बयानों से मामला पेचीदा हो गया है. ग्रामीणों के अनुसार, परिजनों ने रामव्रत के बारे में जानकारी लेने के लिए अखिलेश को गांव बुलाया था. पूछताछ में उसने अलग-अलग बातें बतायीं. इसके बाद ग्रामीणों ने उसे पाटन पुलिस के हवाले कर दिया.
एक बयान में स्टेशन पर मारकर फेंकने की बात
मुखिया अखिलेश पासवान ने बताया कि अखिलेश के एक बयान में रामव्रत को चिरुपली रेलवे स्टेशन पर मारकर फेंकने की बात सामने आयी है. वहीं, दूसरे बयान में उसने बताया कि रामव्रत ट्रेन में एक लड़की से छेड़खानी कर रहा था. इसके बाद लड़की और उसके कुछ साथी उसे ट्रेन से उतारकर अपने साथ ले गये. इसके बाद रामव्रत के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है.
रेलवे स्टेशन और जीआरपी से जुटायी गयी जानकारी
थाना प्रभारी अनिल विद्यार्थी ने बताया कि परिजनों से लिखित आवेदन मिला है. संबंधित रेलवे स्टेशन, जीआरपी और अन्य माध्यमों से जानकारी जुटायी गयी है, लेकिन अब तक रामव्रत का सुराग नहीं मिला है.
