पलामू से चंद्रशेखर सिंह की रिपोर्ट
पलामू जिले के चैनपुर प्रखंड मुख्यालय से महज दो किलोमीटर दूर स्थित रांकी और हमीनपुर गांव के ग्रामीण पिछले 25 वर्षों से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं. सड़क नहीं बनने के कारण हर वर्ष बारिश के चार महीने ग्रामीणों की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है. जर्जर सड़क और नाले के कारण गांव तक वाहन नहीं पहुंच पाते, जिससे लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.
बारिश में स्कूल और इलाज दोनों ठप
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में स्कूली बच्चों का स्कूल जाना लगभग असंभव हो जाता है. वहीं, किसी के बीमार होने या गर्भवती महिलाओं को प्रसव पीड़ा होने की स्थिति में एंबुलेंस और अन्य वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते. मजबूरी में मरीजों और गर्भवती महिलाओं को चारपाई पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है, जिसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया जाता है.
सड़क निर्माण नहीं होने से महिलाओं में आक्रोश
सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर गांव की महिलाओं में काफी आक्रोश है. उनका कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन आज तक कोई ठोस पहल नहीं हुई.
पंचायत स्तर पर भी नहीं हुई पहल
रांकी और हमीनपुर गांव भड़गांव पंचायत के अंतर्गत आते हैं, जहां की मुखिया सुनीता देवी हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत स्तर पर भी सड़क निर्माण की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया.
डीसी से लगाई सड़क निर्माण की गुहार
ग्रामीणों ने अब पलामू के उपायुक्त (डीसी) से सड़क निर्माण की गुहार लगाई है. उनका कहना है कि जिला प्रशासन ही उनकी आखिरी उम्मीद है. ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों की शिक्षा, मरीजों का इलाज और गांव की आवाजाही की समस्या का स्थायी समाधान हो सके.
