पलामू में लाखों से बने तहसील कचहरी भवन बंद, ग्रामीण परेशान

Palamu News : पलामू के पांकी प्रखंड में लाखों रुपये खर्च कर बने तहसील कचहरी भवन वर्षों से बंद पड़े हैं. भवनों का उपयोग नहीं होने से ग्रामीणों को आज भी प्रखंड मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं.

पिंटू कुमार सिंह की रिपोर्ट 

Palamu News : झारखंड के पलामू जिले के पांकी प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में लाखों रुपये की लागत से बने तहसील कचहरी सह कर्मचारी आवास निर्माण के बाद से ही बेकार पड़े हैं. भवनों में ताला लटके रहने के कारण परिसर झाड़ियों और गंदगी में तब्दील हो चुका हैं. इस दो मंजिला भवन के ग्राउंड फ्लोर पर तहसील कचहरी कार्यालय और फर्स्ट फ्लोर पर कर्मचारी आवास की व्यवस्था है. परिसर में शौचालय, पानी और चहारदीवारी का निर्माण भी कराया गया है, लेकिन रख-रखाव के अभाव में सब बर्बाद हो रहा है.

दर्जनों पंचायतों में बने भवन हो रहे खंडहर

प्रखंड के हूरलौंग, तेतराई, लोहरसी और ताल जैसी जगहों पर नए मॉडल के दोमंजिला भवन बनाए गए हैं. इसके अलावा पुराने मॉडल के प्रखंड मुख्यालय, कोनवाई, करार, नौडीहा-1, पांकी पूर्वी और सकलदीपा आदि जगहों पर दो दशक पहले ही कचहरी भवन सह कर्मचारी आवास का निर्माण कराया गया था. स्थिति यह है कि इनमें से एक भी भवन का उपयोग नहीं हो रहा है. जानकारी के अनुसार, पांकी प्रखंड की 25 पंचायतों को मिलाकर 10 हल्का बनाये गये हैं.हर हल्के के लिए एक राजस्व उपनिरीक्षक (कर्मचारी) का पद तय है. नियमानुसार यदि कर्मचारी अपने क्षेत्र के कचहरी भवन में रहकर कार्य करें, तो ग्रामीणों को छोटे-छोटे कामों के लिए प्रखंड मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी. लेकिन इस व्यवस्था को धरातल पर उतारने के लिए प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही है.

जीर्णोद्धार के बाद भी कोनवाई भवन में लटका ताला

कोनवाई पंचायत भवन के पास स्थित कचहरी भवन का पिछले वर्ष ही 19 लाख रुपये की लागत से जीर्णोद्धार (मरम्मत) कराया गया था. यहां सारी सुविधाएं मौजूद हैं, इसके बावजूद आज तक कोई राजस्व उपनिरीक्षक यहां नहीं बैठते. भवन बंद रहने से चारों तरफ घास-फूस उग आई है. यदि यह कार्यालय चालू होता, तो आस-पास के 12 टोलों के ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलती. फिलहाल इन ग्रामीणों को अपने काम के लिए 12 किलोमीटर दूर प्रखंड मुख्यालय जाना पड़ता है.

हूरलौंग में वर्षों से बंद भवन, जनता में आक्रोश

हूरलौंग पंचायत में वर्षों पहले कचहरी भवन का निर्माण कराया गया था. निर्माण के बाद से ही इस भवन में लगातार ताला लटका हुआ है, जिससे पूरा परिसर जंगली झाड़ियों से घिर गया है. इस भवन का किसी भी प्रकार से सदुपयोग नहीं हो रहा है. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सरकार सिर्फ ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए एक के बाद एक भवन बनवाकर सरकारी राशि की बर्बादी कर रही है, लेकिन जनता के उपयोग के लिए कोई पहल नहीं होती.यदि यह कार्यालय चालू होता, तो पंचायत के 22 गांवों के लोगों को 12 से 15 किलोमीटर दूर प्रखंड मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ते.

तेतराई में 5 साल से बेकार पड़ा है दो मंजिला भवन

तेतराई पंचायत के अम्बेडकर हाई स्कूल परिसर में करीब पांच वर्ष पूर्व दो मंजिला तहसील कचहरी सह कर्मचारी आवास भवन का निर्माण कराया गया था. लेकिन निर्माण के बाद से ही इस आलीशान भवन का कोई उपयोग नहीं हो रहा है. इसके मुख्य दरवाजे पर ताला लटका हुआ है. इसके अलावा, पांकी पूर्वी में भी बना कचहरी भवन इसी तरह बेकार पड़ा है. इन दोनों ही जगहों पर कार्यालय संचालित न होने के कारण तेतराई और पांकी पूर्वी पंचायत के ग्रामीणों को अपने राजस्व संबंधी कार्यों के लिए आज भी प्रखंड मुख्यालय की ही दौड़ लगानी पड़ रही है.

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Published by: Priya gupta

प्रिया गुप्ता पिछले एक साल से प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. फिलहाल वह झारखंड से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं, जिनमें सरकारी योजनाएं, प्रमुख घटनाएं, सामाजिक मुद्दे और अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल डेस्क पर फैशन, हेल्थ, रिलेशनशिप, पैरेंटिंग और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं. प्रिया ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से स्नातक और अमिटी यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की है.

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