पलामू में करम डाली विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा, नदी में डूबने से छह की मौत

पलामू में करम पूजा के दौरान दो अलग-अलग घटनाओं में 6 लोगों की डूबने से मौत हो गई. बोकया गांव में 5 युवकों की मौत, जबकि पाटन में एक किशोरी की डूबने से जान चली गई.

Palamu Karam Dali Visarjan Deaths: करम पर्व की खुशियां बुधवार की सुबह उस वक्त मातम में बदल गयीं, जब करम डाली विसर्जन के दौरान कोयल नदी में डूबने से पांच बच्चों की मौत हो गयी. घटना चैनपुर थाना क्षेत्र के पतरिया खुर्द गांव से सटे बोकया गांव के समीप कोयल नदी में सुबह करीब छह बजे हुई. हादसे की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में कोहराम मच गया.ग्रामीणों की भीड़ नदी तट पर जुट गयी. चार बच्चों के शव बरामद कर लिये गये हैं, जबकि एक बच्चे की तलाश जारी है. जानकारी के अनुसार. पतरिया खुर्द गांव के बच्चे करम पर्व को लेकर करम डाली लेकर कोयल नदी में विसर्जन करने गये थे. विसर्जन के दौरान अचानक एक बच्चा गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा. उसे बचाने के प्रयास में दूसरे बच्चे भी नदी में उतर गये. नदी में तेज बहाव होने के कारण बच्चे संभल नहीं सके और देखते ही देखते एक के बाद एक पानी में डूबते चले गये.

बताया जाता है कि इसी दौरान नदी के समीप मौजूद एक महिला ने बच्चों की आवाज सुनी. उसने नदी की ओर देखा तो बच्चे पानी में डूब रहे थे. महिला ने शोर मचाकर ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी. आवाज सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी तट पर पहुंचे और बच्चों को बचाने का प्रयास किया. काफी प्रयास के बाद चार बच्चों के शव बरामद कर लिये गये, जबकि पांचवें बच्चे की तलाश जारी रही. घटना की जानकारी मिलने के बाद चैनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की. पुलिस और ग्रामीणों की ओर से लापता बच्चे की तलाश की जा रही है.

पीड़ित परिवारों से मिले विधायक, मुआवजे की मांग

घटना की सूचना मिलने पर डालटनगंज विधायक आलोक कुमार चौरसिया भी घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया. विधायक ने कहा कि घटना बेहद दुखद है. बच्चों की मौत की भरपाई किसी भी कीमत पर नहीं की जा सकती. करम पर्व की खुशियां देखते ही देखते गम में बदल गयीं. उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की.

विधायक आलोक चौरसिया व अन्य

रामनरेश तिवारी की रिपोर्ट दूसरी घटना पाटन थाना क्षेत्र के हिसरा बरवाडीह के नानी झरिया निवासी दिलीप पासवान की नाबालिक (17वर्ष) सिंपी कुमारी की मौत हो गयी. घटना बुधवार सुबह करीब 6:15 की बताई जा रही है. बताया गया कि सिंपी कुमारी करमा पर्व की हुई थी. उसने बुधवार को सुबह अपनी सहेलियों के साथ करमा पर्व का झुर बहाने (विसर्जन) करने के लिए गांव के बगल में स्थित जिंजोई नदी गई थी. झुर बहाने के क्रम में वह गहरे पानी में चली गयी. ग्रामीणों ने उसे पानी से बाहर निकाला और आनन फानन में उसे मेदिनीनगर स्थित एमएमसीएच पहुंचाया. जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया.

करम पर्व की खुशी, मातम में बदला, गांव में पसरा सन्नाटा

हिसराबरवाडीह के नैनी जरिया के दिलीप पासवान की नाबालिक सिंपी की मौत से करमा पर्व की खुशी, मातम में बदल गया. उसकी मौत की खबर सुनते ही गांव में सन्नाटा पसर गया. पुलिस जुटी जांच में

घटना की सूचना मिलते ही पाटन पुलिस छानबीन शुरू कर दी है. पुलिस सभी बिंदुओं पर छानबीन कर रही है. मेदिनीनगर स्थित एमएमसीएच में स्थापित पुलिस चौकी की पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. घटना के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया है.

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By चंद्रशेखर सिंह

चंद्रशेखर सिंह प्रभात खबर से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार हैं और पिछले करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने लंबे समय से पत्रकारिता करियर में क्राइम, सामाजिक मुद्दों और राजनीति से जुड़े विषयों पर व्यापक रूप से काम किया है. मेदिनीनगर (पलामू) में जमीनी स्तर की पत्रकारिता में इनकी खास पकड़ रही है. समाज से जुड़े महत्वपूर्ण और अनदेखे मुद्दों को सामने लाने, आम लोगों की समस्याओं को आवाज देने और सामाजिक सरोकार से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाने के लिए वह जाने जाते हैं. अपराध और राजनीति से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग के साथ-साथ उन्होंने सामाजिक बदलाव और जनहित के मुद्दों पर भी लगातार काम किया है. क्राइम रिपोर्टिंग, सामाजिक सरोकार और राजनीतिक पत्रकारिता उनके प्रमुख कार्यक्षेत्र रहे हैं. तीन दशकों के अनुभव के दौरान उन्होंने बदलते मीडिया परिदृश्य और पत्रकारिता के तौर-तरीकों को करीब से देखा और समझा है. उनकी पत्रकारिता में जमीनी अनुभव, सामाजिक मुद्दों की समझ और तथ्यपरक रिपोर्टिंग को विशेष महत्व मिलता है.

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