अपराध की दुनिया में पलामू के गैंगस्टर सुजीत सिन्हा का अंत, 2 सगे भाइयों की हत्या कर आया था सुर्खियों में

कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई है. वह पिछले 20 वर्षों से अपराध की दुनिया में सक्रिय था और उसपर 40 से अधिक गंभीर मामले दर्ज थे.

पलामू: पलामू जिले के चर्चित गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की रविवार देर रात जामताड़ा पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मौत हो गई. पुलिस के अनुसार, साहिबगंज मंडल कारा से धनबाद जेल ले जाने के दौरान उसने टॉयलेट जाने का बहाना बनाकर पुलिस वाहन रुकवाया. इसी दौरान पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग करने का प्रयास किया.

पुलिस ने बताया कि आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में सुजीत सिन्हा गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मेदिनीनगर के पांकी रोड रेडमा श्रीराम पथ में सुजीत सिन्हा का घर था. वह पिछले करीब 20 वर्षों से अपराध की दुनिया में सक्रिय था. उसपर हत्या, रंगदारी, फायरिंग और संगठित अपराध समेत कई गंभीर मामले दर्ज थे.

अपराध की दुनिया में पहचान बना चुकी है पत्नी

सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा भी अपराध जगत में अपनी पहचान बना चुकी है और फिलहाल आपराधिक मामले में जेल में बंद है. सुजीत सिन्हा का पैतृक निवास हुसैनाबाद के पथरा गांव में था. शुरुआती दौर से ही वह मेदिनीनगर (डालटनगंज) में रहता था. उसने प्रारंभिक शिक्षा रोटरी स्कूल से हासिल की थी.

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आर्मी थे पिता, कैंसर से मौत के बाद बच्चों को शहर लेकर आई मां

ग्रामीणों के अनुसार, सुजीत सिन्हा के पिता चंचल कुमार आर्मी में थे, जिनकी कैंसर बीमारी से मौत हो गई थी. इसके बाद उसकी मां बच्चों के साथ गांव से शहर आकर रहने लगी थीं. वर्ष 2007 से सुजीत सिन्हा अपराध की दुनिया में सक्रिय हुआ था. पलामू में उस पर 20 से अधिक मामले दर्ज थे. कोयलांचल के कुख्यात डॉन प्रिंस खान के साथ उसके संबंधों का भी खुलासा पलामू पुलिस ने किया था. बताया जाता है कि उसके परिवार में बड़ा भाई और मां छत्तीसगढ़ में रहते हैं, जबकि बहन की शादी हो चुकी है.

दो भाइयों की हत्या के बाद सुर्खियों में आया था सुजीत सिन्हा

शहर के टाउन थाना क्षेत्र के कांदू मोहल्ला में अनिल सिंह और भूषण सिंह सगे भाइयों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना में सुजीत सिन्हा का नाम अपराध की दुनिया में सामने आया था. इस मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी. इस घटना के बाद सुजीत सिन्हा ने पलामू में अपराध जगत में अपनी पहचान बनाई और रंगदारी की घटनाओं में उसका नाम सामने आने लगा. सूत्रों के अनुसार, सुजीत सिन्हा पर 40 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे.

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लेखक के बारे में

By Chandra shekhar singh

चंद्रशेखर सिंह प्रभात खबर से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार हैं और पिछले करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने लंबे समय से पत्रकारिता करियर में क्राइम, सामाजिक मुद्दों और राजनीति से जुड़े विषयों पर व्यापक रूप से काम किया है. मेदिनीनगर (पलामू) में जमीनी स्तर की पत्रकारिता में इनकी खास पकड़ रही है. समाज से जुड़े महत्वपूर्ण और अनदेखे मुद्दों को सामने लाने, आम लोगों की समस्याओं को आवाज देने और सामाजिक सरोकार से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाने के लिए वह जाने जाते हैं. अपराध और राजनीति से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग के साथ-साथ उन्होंने सामाजिक बदलाव और जनहित के मुद्दों पर भी लगातार काम किया है. क्राइम रिपोर्टिंग, सामाजिक सरोकार और राजनीतिक पत्रकारिता उनके प्रमुख कार्यक्षेत्र रहे हैं. तीन दशकों के अनुभव के दौरान उन्होंने बदलते मीडिया परिदृश्य और पत्रकारिता के तौर-तरीकों को करीब से देखा और समझा है. उनकी पत्रकारिता में जमीनी अनुभव, सामाजिक मुद्दों की समझ और तथ्यपरक रिपोर्टिंग को विशेष महत्व मिलता है.

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