पलामू से चंद्रशेखर सिंह की रिपोर्ट
Palamu DC, पलामू : पलामू के जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त (DC) दिलीप प्रताप सिंह शेखावत गुरुवार को अचानक छतरपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय पहुंचे. उपायुक्त के इस औचक (Surprise) निरीक्षण से पूरे ब्लॉक परिसर में हड़कंप मच गया. निरीक्षण के दौरान बीडीओ सह सीओ कार्यालय में मौजूद नहीं थे, उनके बारे में सूचना कि वे मुनकेरी गांव में आंगनबाड़ी सेविका चयन प्रक्रिया में गए हैं. अधिकारी की अनुपस्थिति के बावजूद उपायुक्त सीधे अंचल अधिकारी के कक्ष में जा बैठे और वहां अपनी फरियाद लेकर पहुंचे आम जनता से सीधे संवाद करना शुरू कर दिया. इस दौरान डीसी ने एक-एक कर 10 से अधिक ग्रामीणों की समस्याओं को बेहद गंभीरता से सुना और उनके त्वरित निष्पादन का भरोसा दिया.
70 वर्षीय बुजुर्ग को खुद थामकर कुर्सी पर बैठाया
जनसुनवाई के दौरान कार्यालय में एक बेहद भावुक कर देने वाला नजारा देखने को मिला. एक लगभग 70 वर्षीय बुजुर्ग लाठी के सहारे लड़खड़ाते हुए अंचल कार्यालय कक्ष में दाखिल हुए. शारीरिक कमजोरी के कारण वे ठीक से चल भी नहीं पा रहे थे. वृद्ध की यह हालत देख उपायुक्त दिलीप सिंह शेखावत खुद अपनी कुर्सी से उठकर आगे बढ़े. उन्होंने बुजुर्ग को आदरपूर्वक सहारा देकर कुर्सी पर बैठाया और पूरे धैर्य के साथ उनकी बात सुनी. बुधवार को आए बुजुर्ग ने आपसी जमीन बंटवारे से संबंधित अपनी शिकायत डीसी के सामने रखी. उपायुक्त ने आवेदन पर संज्ञान लेते हुए संबंधित अंचलाधिकारी को मामले में प्राथमिकता के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई करने का सख्त निर्देश दिया.
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दिव्यांग उपेंद्र को ऑन-स्पॉट मिली ट्राई-साइकिल
इसी जनसुनवाई में कउल के दिनदाग गांव से चलकर आए दिव्यांग उपेंद्र यादव ने उपायुक्त को अपनी व्यथा सुनाई. उपेंद्र ने कहा कि उन्हें एक ट्राई-साइकिल की बेहद जरूरत है, लेकिन आज सीओ साहब के न होने से उन्हें डर था कि हर बार की तरह आज भी उन्हें निराश होकर खाली हाथ ही घर लौटना पड़ेगा. इस पर उपायुक्त ने तत्काल मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए मुस्कुराकर कहा कि आपको निराश होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, आज आप यहां से खाली हाथ नहीं, बल्कि अपने साथ ट्राई-साइकिल लेकर ही घर जाएंगे.” उपायुक्त के आदेश पर सामाजिक सुरक्षा विभाग के जरिए तुरंत कागजी प्रक्रिया पूरी कराई गई और उपेंद्र यादव को ऑन-स्पॉट (मौके पर ही) चमचमाती नई ट्राई-साइकिल सौंप दी गई. अचानक मिली इस प्रशासनिक मदद से उपेंद्र के चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान तैर गई.
काम में लापरवाही पर गिरी गाज
फरियादियों से मिलने के बाद उपायुक्त ने ब्लॉक सभागार में प्रखंड और अंचल के सभी अधिकारियों व कर्मियों के साथ एक समीक्षा बैठक की. इस दौरान कार्यालय अवधि में बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों से स्पष्टीकरण (Shorcase) तलब करने का निर्देश दिया गया.
योजनाओं में लेटलतीफी पाने पर डीसी ने कड़ा रुख अपनाया
हुटुकदाग और मड़वा पंचायत में प्लिंथ लेवल का जियोटैग लंबित पाए जाने पर संबंधित पंचायत सचिव को शोकॉज किया गया. प्लिंथ जियोटैग का कार्य अटका कर रखने के कारण खोरही, पिंद्राही एवं बगैया पंचायत के पंचायत सचिवों को भी शोकॉज जारी करने का निर्देश दिया गया. साथ ही सरकारी कार्यों और वित्तीय प्रगति में ढिलाई बरतने को लेकर मनरेगा बीपीओ (BPO) से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है.
“जनता को दौड़ाना पड़ेगा महंगा”- उपायुक्त की दो टूक
बैठक के समापन पर उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने विशेषकर राजस्व कर्मचारियों (हल्का कर्मचारियों) को चेतावनी देते हुए कहा कि बिना किसी ठोस और वाजिब कारण के यदि किसी भी आम नागरिक या गरीब किसान को म्यूटेशन, रसीद या अन्य कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर कटवाए गए, तो संबंधित कर्मी पर सीधी गाज गिरेगी. उन्होंने साफ किया कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध और संवेदनशील समाधान सुनिश्चित करना ही जिला प्रशासन की पहली और आखिरी प्राथमिकता है.
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