संवेदनशीलता की मिसाल: प्रोटोकॉल तोड़ सीढ़ियों पर बैठ गए पलामू DC, दिव्यांग महिला की सुनी फरियाद

Palamu DC: पलामू समाहरणालय सभागार में बुधवार को 'जन समाधान दिवस' के दौरान एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था का एक अत्यंत मानवीय और संवेदनशील चेहरा सामने रखा. जिले के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने प्रोटोकॉल और औपचारिकताओं को दरकिनार करते हुए एक दिव्यांग महिला की फरियाद सुनने के लिए खुद समाहरणालय की सीढ़ियों पर बैठकर एक मिसाल पेश की.

Palamu DC, पलामू (चंद्रशेखर सिंह): पलामू समाहरणालय सभागार में बुधवार को आयोजित ‘जन समाधान दिवस’ प्रशासनिक संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण का गवाह बना. जिले के उपायुक्त (DC) दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने प्रोटोकॉल के दायरे से बाहर निकलकर समाज के अंतिम व्यक्ति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. उपायुक्त ने न केवल एक दिव्यांग महिला की फरियाद सुनी, बल्कि उसकी समस्या के समाधान के लिए खुद समाहरणालय की सीढ़ियों पर बैठकर यह सिद्ध किया कि प्रशासन जनता का सेवक है.

दिव्यांग महिला के लिए दौड़ पड़े DC, सीढ़ियों पर बनी ‘अदालत’

दरअसल कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त को सूचना मिली थी कि शहर की रहने वाली एक दिव्यांग महिला शीला कुमारी दोनों पैरों से अक्षम होने के कारण सभागार तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां नहीं चढ़ पा रही हैं और नीचे इंतजार कर रही हैं. यह सुनते ही उपायुक्त ने क्षण भर की भी देरी नहीं की. उन्होंने तुरंत ‘जन समाधान दिवस’ के कार्यक्रम को रोक दिया और औपचारिकताओं को छोड़कर नीचे की ओर दौड़ पड़े. उन्होंने महिला से मुलाकात कर उसकी समस्याएं बड़े ध्यान से सुनीं. DC को सीढ़ियों पर बैठकर एक दिव्यांग महिला की बात सुनते देख मौके पर मौजूद अन्य फरियादी और अधिकारी भी हतप्रभ रह गए.

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ऑन द स्पॉट निष्पादन और दोबारा न आने का आश्वासन

उपायुक्त ने महिला की समस्या को सुनने के बाद मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए. उन्होंने न केवल समस्या का निवारण सुनिश्चित किया, बल्कि महिला को आश्वस्त किया कि “अब उन्हें अपनी फरियाद लेकर दोबारा कार्यालय आने की जरूरत नहीं पड़ेगी.” उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि वे जनता के मामलों को लंबित न रखें और नियमानुसार त्वरित समाधान सुनिश्चित करें.

कई जटिल मामलों की हुई सुनवाई, लापरवाह अधिकारियों को चेताया

‘जन समाधान दिवस’ में उपायुक्त ने एक-एक कर अन्य फरियादियों की भी समस्याएं सुनीं और कई मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन किया. गंभीर मामलों में संबंधित अंचलाधिकारियों को फोन कर त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया गया. कार्यक्रम में आंगनबाड़ी सेविका चयन में धांधली, जमीन कब्जा, भूमि पैमाइश, गलत लगान रसीद, रास्ता विवाद, भू-अर्जन मुआवजे में देरी और दोहरी जमाबंदी जैसे महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई हुई. उपायुक्त ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी कि यदि जनता की समस्याओं के निवारण में कोई लापरवाही बरती गई, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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