पांकी: सरकारी सड़क की आस टूटी तो ग्रामीणों ने खुद संभाली कमान, चंदा जुटाकर की मरम्मत

पांकी के माड़न पंचायत के पचपेड़ी गांव में जर्जर सड़क की मरम्मत न होने से परेशान ग्रामीणों ने खुद ही चंदा जुटाकर सड़क बनाई. उन्होंने सरकारी उपेक्षा के कारण यह कदम उठाया और स्थायी समाधान की मांग की है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर वे आंदोलन करेंगे.

पांकी. सरकारी व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण की उम्मीद लगाये बैठे पांकी प्रखंड की माड़न पंचायत के पचपेड़ी गांव के ग्रामीणों ने अब सड़क की कमान खुद संभाल ली है. लंबे समय से जर्जर सड़क की मरम्मत नहीं होने से परेशान ग्रामीणों ने आपस में चंदा जुटाकर ट्रैक्टर से मोरम मंगाया और सड़क पर गिराया. इसके बाद श्रमदान कर सड़क की मरम्मत शुरू कर दी. ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं.

बारिश के दिनों में कीचड़ और जलजमाव से पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है. सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और रोजाना काम के लिए आने-जाने वालों को होती है. कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से सड़क निर्माण व मरम्मत की मांग की गयी, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ. सरकारी स्तर पर मरम्मत नहीं होने पर ग्रामीणों ने बैठक कर आपसी सहयोग से समस्या का समाधान करने का निर्णय लिया. इसके बाद चंदा जुटाकर मोरम मंगाया गया.

दर्जनों ग्रामीण कुदाल लेकर सड़क पर उतर गये. पुरुषों के साथ महिलाओं ने भी श्रमदान किया. गड्ढों को भरकर सड़क को आवागमन योग्य बनाने का प्रयास किया गया. अभियान में शंकर उरांव, कामेश्वर उरांव, रामसहाय उरांव, रामदयाल उरांव, सूरज उरांव, ज्योति देवी, कविता देवी, रोहित उरांव, संदीप उरांव, लक्ष्मण उरांव समेत दर्जनों ग्रामीण शामिल हुए.

स्थायी समाधान की मांग

ग्रामीणों ने कहा कि सड़क निर्माण सरकार की जिम्मेदारी है. ग्रामीण कब तक अपनी जेब से पैसे खर्च कर सड़क बनाते रहेंगे. उन्होंने स्थायी समाधान की मांग की है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जल्द स्थायी निर्माण नहीं हुआ तो आंदोलन किया जायेगा. जरूरत पड़ी तो आगामी चुनाव में वोट बहिष्कार का निर्णय भी लिया जा सकता है.

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By Prabhat khabar news desk

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