छतरपुर (पलामू): मौसम में बदलाव के साथ छतरपुर प्रखंड में मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है. पिछले कुछ दिनों से सर्दी, खांसी, बुखार और गले में खराश की शिकायत वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है. अनुमंडलीय अस्पताल के अलावा निजी क्लीनिकों में भी ऐसे मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं. पिछले करीब 20 दिनों से अनुमंडलीय अस्पताल में रोजाना 200 से 250 मरीज इन शिकायतों के साथ इलाज के लिए पहुंच रहे हैं.
मौसम बदलने से बढ़ रही वायरल संक्रमण की शिकायत
अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ राजेश अग्रवाल ने बताया कि मौसम में अचानक बदलाव का असर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ सकता है. इस दौरान इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है. वायरल फीवर, सर्दी-खांसी और गले से संबंधित समस्याएं भी बढ़ सकती हैं.
ये भी पढ़ें- Medical Counseling: दूसरे राउंड का सीट अलॉटमेंट जारी, MBBS-BDS-BHMS में 287 छात्रों को मिली सीट
बिना सलाह एंटीबायोटिक लेने से बचें
डॉ अग्रवाल ने लोगों को चिकित्सकीय सलाह के बिना एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं लेने से बचने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि तेज बुखार, लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी या कई दिनों तक लक्षण बने रहने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक से जांच करानी चाहिए. उन्होंने बदलते मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, ताजा और पौष्टिक भोजन लेने तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि पानी को हमेशा उबालकर ठंडा करने के बाद पीना चाहिए. घर से बाहर निकलते समय मास्क या गमछे का इस्तेमाल करने की भी सलाह दी गई है.
बच्चों और बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान
चिकित्सक ने कहा कि बाहर से घर लौटने के बाद हाथ-पैर धोने, भीड़भाड़ वाली जगहों पर आवश्यक सावधानी बरतने और खांसते-छींकते समय मुंह ढकने की आदत अपनानी चाहिए. बच्चों और बुजुर्गों को मौसम के अनुरूप कपड़े पहनाने पर भी ध्यान देना जरूरी है. डॉ अग्रवाल ने लोगों से मौसम को देखते हुए खान-पान और दिनचर्या में सावधानी बरतने की अपील की. उन्होंने सड़क किनारे बिकने वाले असुरक्षित खाद्य पदार्थों से भी सावधान रहने की जरूरत बतायी, ताकि मौसमी बीमारियों से बचाव किया जा सके.
ये भी पढ़ें- डोरंडा में गोलियों की तड़तड़ाहट से दहशत, 6 राउंड फायरिंग; अल्ताफ अंसारी केस से जुड़ रहे तार
