नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय में 11 एसी की खरीद पर आपसू और एनएसयूआइ ने उठाये सवाल, ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर जांच की मांग

नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय में 11 एसी की खरीद पर उठे सवाल। ऑडिट रिपोर्ट में 9.27 लाख की राशि वसूली योग्य बताई गई, छात्रों ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी।

मेदिनीनगर. नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय में 11 एसी की खरीद पर खर्च हुए 9 लाख 27 हजार 410 रुपये को लेकर आपसू और एनएसयूआइ ने सवाल उठाये हैं. दोनों छात्र संगठनों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऑडिट रिपोर्ट में दर्ज आपत्तियों के आधार पर खरीद प्रक्रिया की जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है.

वित्त समिति और सिंडिकेट की स्वीकृति पर सवाल

छात्र नेताओं के अनुसार, ऑडिट दस्तावेज में 11 एसी की खरीद के लिए 8 लाख 73 हजार 400 रुपये और इंस्टॉलेशन के लिए 54 हजार रुपये का भुगतान दर्ज है. विशेष अंकेक्षण दल ने अपनी रिपोर्ट में कुल 9 लाख 27 हजार 410 रुपये के इस खर्च को वसूली योग्य राशि बताया है.

10 एसी कुलपति आवास में लगाये जाने का आरोप

छात्र नेताओं ने कहा कि एसी की खरीद के लिए टेंडर प्रशासनिक भवन के विभिन्न सेल में लगाने के उद्देश्य से किया गया था. इसके बावजूद 10 एसी कुलपति आवास में लगाये जाने का आरोप है. इसको लेकर छात्र संगठनों ने खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठाये हैं. उन्होंने कहा कि प्रशासनिक भवन पहले से ही केंद्रीकृत वातानुकूलित है. ऐसे में 11 एसी की खरीद की जरूरत क्यों पड़ी, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए. छात्र नेताओं ने यह भी सवाल उठाया कि खरीद के लिए वित्त समिति की स्वीकृति ली गयी थी या नहीं.

खरीद और इंस्टॉलेशन की तारीख में अंतर

छात्र नेताओं ने ऑडिट रिपोर्ट में दर्ज तारीखों को भी गंभीर विसंगति बताया है. उनके अनुसार, रिपोर्ट में एसी की आपूर्ति की तारीख चार जुलाई 2025 और प्राप्ति की तारीख आठ जुलाई 2025 दर्ज है. वहीं, इंस्टॉलेशन से जुड़े दस्तावेज में 22 जून 2025 की तारीख अंकित है. छात्र नेताओं का कहना है कि आपूर्ति और प्राप्ति से पहले ही इंस्टॉलेशन की तारीख दर्ज होना पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है. उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.

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संचिका में कई जरूरी दस्तावेज नहीं मिलने का दावा

आपसू और एनएसयूआइ के नेताओं ने दावा किया कि संबंधित संचिका में वित्त समिति और सिंडिकेट की स्वीकृति से जुड़े दस्तावेज नहीं मिले. इसके अलावा स्पष्ट हस्ताक्षर वाला कंपरेटिभ चार्ट और ई-वे बिल भी संचिका में उपलब्ध नहीं होने की बात कही गयी है. छात्र नेताओं ने कहा कि ऑडिट रिपोर्ट में दर्ज आपत्तियों को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की जांच होनी चाहिए और यदि वित्तीय अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए.

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कार्रवाई नहीं होने पर राजभवन के समक्ष भूख हड़ताल

राहुल कुमार दुबे, कमलेश पांडेय और अमरनाथ तिवारी ने कहा कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की गयी तो छात्र संगठन आंदोलन का रास्ता अपनायेंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं होने पर राजभवन के समक्ष अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की जायेगी. छात्र नेताओं ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर झारखंड हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर पूरे मामले की सीबीआइ जांच कराने की मांग की जायेगी.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते छात्र नेता | Prabhat Khabar Network


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By Prabhat khabar news desk

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