चंद्रशेखर सिंह, पलामू
मेदिनीनगर : पलामू में एक शिक्षिका के प्रसव के दौरान पेट में नवजात की मौत हो जाने का मामला सामने आया है. घटना के बाद परिजनों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. शिक्षिका के पति का कहना है कि प्रसूति अवकाश स्वीकृत करने के एवज में 50 हजार रुपये रिश्वत मांगी गयी. समय पर छुट्टी नहीं मिलने के कारण यह दर्दनाक घटना हुई. हालांकि डीईओ ने सभी आरोपों से इनकार किया है. जानकारी के अनुसार, शिक्षिका भारती पांडेय तरहसी प्रखंड के सिलदिलीया प्लस टू हाई स्कूल में पदस्थापित हैं और वर्तमान में चैनपुर के कस्तूरबा विद्यालय में प्रतिनियुक्त थीं. प्रसव के लिए उन्होंने अवकाश का आवेदन दिया था, लेकिन आरोप है कि पिछले 10 दिनों से शिक्षा विभाग के कार्यालय का चक्कर लगाने के बावजूद छुट्टी स्वीकृत नहीं की गयी.
पति ने लगाया रिश्वत मांगने का आरोप
हजारीबाग जिला पुलिस बल में कार्यरत शिक्षिका के पति मुकेश कुमार तिवारी ने आरोप लगाया कि डीईओ कार्यालय के लिपिक अरुण गिरी और ईश्वर दयाल राम ने बिना 50 हजार रुपये दिए अवकाश स्वीकृत नहीं होने की बात कही. उन्होंने बताया कि कई बार डीईओ से मिलकर गुहार लगायी गयी, शिक्षक नेताओं ने भी मामला उठाया और पांच दिन पहले पलामू उपायुक्त से भी शिकायत की गयी थी. इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई.
मुकेश तिवारी का आरोप है कि समय पर प्रसूति अवकाश नहीं मिलने के कारण उनकी पत्नी की हालत गंभीर हो गयी और प्रसव के दौरान पेट में ही नवजात की मौत हो गयी. उन्होंने डीईओ संदीप कुमार, लिपिक अरुण गिरी और ईश्वर दयाल राम के खिलाफ शहर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही है.
घटना के बाद व्हाट्सएप पर भेजी गयी छुट्टी स्वीकृति
परिजनों का आरोप है कि घटना की जानकारी मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने आनन-फानन में अवकाश स्वीकृत कर उसका आदेश व्हाट्सएप पर भेज दिया. फिलहाल महिला शिक्षिका का इलाज मेदिनीनगर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है और उनकी स्थिति गंभीर बतायी जा रही है.
डीईओ ने आरोपों को बताया निराधार
इस मामले में पलामू के डीईओ संदीप कुमार ने कहा कि वह महिला शिक्षिका को नहीं जानते हैं और उन्हें मामले की पहले कोई जानकारी नहीं थी. उन्होंने रिश्वत मांगने के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि शाम को शिक्षिका का अवकाश स्वीकृत कर दिया गया है.
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