एमएमसीएच में बिचौलियों का बोलबाला

मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए परेशान नवनियुक्त सहायक आचार्य

मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए परेशान नवनियुक्त सहायक आचार्य रामनरेश तिवारी, मेदिनीनगर राज्य सरकार द्वारा सहायक आचार्य के पदों पर नियुक्ति पत्र जारी किये जाने के बाद अभ्यर्थियों को योगदान से पूर्व शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के साथ मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करना अनिवार्य किया गया है. इसी प्रक्रिया में पलामू के नवनियुक्त सहायक आचार्य मेडिकल जांच व सर्टिफिकेट बनवाने के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमएमसीएच) के अधीक्षक कार्यालय और सिविल सर्जन कार्यालय के बीच लगातार चक्कर काट रहे हैं. बीते तीन दिनों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए परेशान हैं. सोमवार को एमएमसीएच परिसर में सहायक आचार्यों की लंबी कतार देखी गयी. अभ्यर्थियों का आरोप है कि सर्टिफिकेट निर्गत करने के नाम पर दो से ढाई हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं. अस्पताल और सीएस कार्यालय में कई बिचौलिये सक्रिय हैं, जो सुविधा शुल्क लेने के बाद तुरंत सर्टिफिकेट उपलब्ध करा दे रहे हैं. कतार में खड़े शिक्षकों ने बताया कि सुबह आठ बजे से लाइन में लगने के बाद भी घंटों तक उनकी बारी नहीं आती. वहीं, बिचौलिये मोटी रकम लेकर मिनटों में सर्टिफिकेट बनवा दे रहे हैं. एक अभ्यर्थी के अनुसार एक बिचौलिया लाइन में आया, अभ्यर्थी का आवेदन व दस्तावेज लिया और थोड़ी देर में मेडिकल सर्टिफिकेट थमा दिया. यह देखकर कतार में खड़े अन्य शिक्षक हैरान रह गये. कार्यालय के बाहर मौजूद एक बिचौलिया, जो अस्पताल का पहचान पत्र पहने हुए था, नाम पूछे जाने पर भड़क गया. उसने कहा कि सुविधा चाहिए तो टैक्स देना पड़ेगा, बिना सुविधा शुल्क के काम कहां होता है. अभ्यर्थियों ने कहा कि भ्रष्ट व्यवस्था के कारण उन्हें भीषण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जिन लोगों के पास सुविधा शुल्क देने की क्षमता नहीं है, उनके लिए स्थिति और अधिक दयनीय है. उन्होंने प्रशासन से इस अव्यवस्था और बिचौलिया राज पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है. जांच टीम का किया गया है गठन: अधीक्षक मेदिनीराय मेडिकल कालेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ अजय कुमार ने बताया कि मेडिकल सर्टिफिकेट के नाम पर पैसा उगाही की शिकायत मिली है. शिकायत के आधार पर फिलहाल कुछ कर्मियों को कार्य से अलग रखा गया है. जांच टीम भी गठित की गयी है. जांच के बाद संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई की जायेगी.

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By Akarsh aniket

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