प्रमंडलीय आयुक्त ने किया चैनपुर बुनियादी विद्यालय का औचक निरीक्षण, कहा
प्रतिनिधि, मेदिनीनगर
पलामू प्रमंडलीय आयुक्त कुमुद सहाय ने शुक्रवार को चैनपुर स्थित राजकीय बुनियादी विद्यालय का निरीक्षण किया. इस दौरान आयुक्त ने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, शिक्षकों व विद्यार्थियों की उपस्थिति पंजी, मध्याह्न भोजन की स्थिति सहित अन्य अभिलेखों की गहन जांच की. निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने विद्यालय में कई तरह की गड़बड़ियां पायी. आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक व शिक्षकों को कड़ी फटकार लगायी और व्यवस्था में सुधार लाने की चेतावनी दी. निरीक्षण के दौरान कई शिक्षक अनुपस्थित पाये गये. आयुक्त ने अनुपस्थित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है. जब आयुक्त विद्यालय पहुंची तो बच्चे शोरगुल कर रहे थे. उन्होंने विद्यालय में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों से मुलाकात किया और पढ़ाई के संबंध में विस्तृत जानकारी ली. विभिन्न कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से कई सामान्य प्रश्न पूछे जिसका जवाब विद्यार्थी संतोषजनक नही दे पाये.इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने शिक्षकों को फटकार लगायी. कहा कि बच्चों की पढ़ाई पहली प्राथमिकता होनी चाहिए. शिक्षक अपने दायित्व का निर्वह्न करें. पढाई में कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. आयुक्त ने विद्यालय के कई पंजियों का जांच किया. इस दौरान पंजी का संधारण सही तरीके से नहीं किया गया. पंजी में मार्च माह का कॉलम पूरी तरह खाली पाया गया. मध्याह्न भोजन योजना की पंजी में प्रविष्टियां स्पष्ट नहीं थीं और पूर्व में भरे गये कई कॉलम संदेहास्पद एवं मनगढ़ंत प्रतीत हुआ.आयुक्त ने इस मामले में नाराजगी जताते हुए कहा कि पंजियों को खाली रखना और माह के अंत में एक साथ भरना अनियमितता और स्वेक्षाचारिता को दर्शाता है. उन्होंने सभी अभिलेखों/पंजियों को प्रतिदिन अद्यतन करने का निर्देश दिया. निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने पाया कि प्रधानाध्यापक के कक्ष के सामने वाहन खड़ा किया गया था. आयुक्त ने प्राचार्य को विद्यालय के शिक्षकों एवं अन्य शैक्षणिक कार्यों पर पूर्ण नियंत्रण रखने का सख्त निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों का भविष्य निर्माण करते हैं, इसलिए विद्यार्थियों की पढ़ाई, अनुशासन और विद्यालय की समुचित व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए. उन्होंने पठन-पाठन की गुणवत्ता सुधारने, अभिलेखों को नियमित रूप से अद्यतन रखने और विद्यालय में अनुशासन बनाये रखने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि शिक्षण कार्य में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी.
विद्यार्थियों की कम उपस्थिति पर जतायी नाराजगी
निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों की उपस्थिति पंजी की जांच की गयी, जिसमें कई गड़बड़ियां सामने आयीं. कई विद्यार्थियों की वास्तविक उपस्थिति कम पायी गयी, जबकि पंजी में अधिक दर्ज थी. इतना ही नहीं, 14 मार्च की तिथि के सामने कई छात्राओं के नाम पर पहले से ही अनुपस्थित दर्शाते हुए क्रॉस लगा दिया गया था, जबकि निरीक्षण की तिथि 13 मार्च है. इस पर आयुक्त ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे गंभीर लापरवाही बताया.
मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता पर भी सख्त निर्देश आयुक्त ने विद्यालय के रसोईघर का भी निरीक्षण किया और विद्यार्थियों के लिए तैयार मध्याह्न भोजन तथा स्टॉक में रखे चावल की जांच की. चावल की बोरियों को चूहों द्वारा कुतरा हुआ पाये जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जतायीं। उन्होंने कहा कि मध्याह्न भोजन योजना विद्यार्थियों के पोषण से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना है, इसलिए इसके साथ किसी प्रकार की लापरवाही या खिलवाड़ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. उन्होंने विद्यार्थियों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने तथा खाद्यान्न का सुरक्षित और व्यवस्थित भंडारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.