Palamu News: पलामू प्रमंडल की लाइफलाइन मानी जाने वाली उत्तरी कोयल जलाशय (मंडल डैम) परियोजना को समय पर पूरा कराने के लिए पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने नई दिल्ली में वैप्कोस की सीएमडी शिल्पा सचिन शिंदे से मुलाकात की. इस दौरान बैठक में परियोजना की मौजूदा स्थिति और निर्माण में हो रही देरी को लेकर गंभीर समीक्षा की गयी.
धीमी प्रगति पर कड़ा एक्शन, टेंडर होगा रद्द
सांसद ने स्पष्ट किया कि नहरों के निर्माण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. राइट मेन कैनाल का 14 किमी काम बाकी है और लेफ्ट मेन कैनाल के लिए 0.61 एकड़ भूमि का मुआवजा बांटना शेष है. वर्तमान में कार्य कर रही विक्रमादित्य कंपनी की बेहद सुस्त रफ्तार को देखते हुए उसका टेंडर निरस्त करने का निर्णय लिया गया है. आगामी अक्टूबर 2026 तक नई कार्यदायी एजेंसी का चयन कर काम दोबारा शुरू कराया जायेगा.
मिशन 2027: तय समय में पूरा होगा काम
परियोजना को गति देने के लिए मुख्य मंडल डैम के हाइड्रा, इलेक्ट्रिकल और सिविल कार्यों का टेंडर एक सप्ताह के भीतर जारी कर दिया जाएगा. पूरी पारदर्शी प्रक्रिया अपनाते हुए अक्टूबर 2027 तक मुख्य बांध का काम शत-प्रतिशत पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है.
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मंत्रालय रखेगा सीधी नजर, बदलेगी पलामू की तस्वीर
इस महापरियोजना की संवेदनशीलता को देखते हुए भारत सरकार का जल शक्ति मंत्रालय और वैप्कोस लिमिटेड मिलकर इसकी साप्ताहिक और मासिक मॉनिटरिंग कर रहे हैं. सांसद ने भरोसा जताया कि वर्ष 2027 तक बांध पूरी तरह तैयार हो जाएगा, जिससे पलामू प्रमंडल के हजारों किसानों को सिंचाई की आधुनिक सुविधा मिलेगी और क्षेत्र में कृषि क्रांति का नया अध्याय शुरू होगा.
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